टाटा कंपनी के मालिक कौन हैं?

नमस्कार मित्रो आज हम आपको टाटा कंपनी के मालिक कौन है एवं यह किस देश की कंपनी है इसके बारे में बताने वाले है अक्सर कई बार अपने टाटा कंपनी के बारे में सुना होगा और आपने इस कंपनी के वाहन भी देखे होगे लेकिन ज्यादातर लोगो को इस कंपनी के बारे में अधिक जानकारी नही होती तो ऐसे में यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही उपोयगी साबित हो सकता है.

tata company ke malik ka name

टाटा कंपनी भारत ही नहीं दुनियाभर में काफी ज्यादा पॉपुलर है और यह कंपनी भारत के अलावा कई अन्य देशो में अपना व्यापार कर रही है ऐसे में आपको इस कंपनी से जुडी कुछ खास जानकारी पता होनी आवश्यक है अगर आप इस कंपनी से जुडी विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते है टाटा कंपनी के मालिक कौन है एवं यह किस देश की कंपनी है यह आर्टिकल ध्यान से पढ़े.

टाटा कंपनी के मालिक कौन है

टाटा कंपनी के मालिक रतन टाटा है जो भारत के निवासी है एवं यह भारत ही नही बल्कि दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन की सूचि में आते है, इन्होने अपनी कंपनी को भारत की टॉप लेवल कंपनी बनाने के लिए बेहद ही कड़ा परिश्रम किया है उसी के कारण आज टाटा कंपनी भारत की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी के रूप में शुमार है.

रतन टाटा एक सफल बिजनेसमैन होने के साथ साथ कलयुग के कर्ण भी माने जाते है क्युकी यह बेहद ही दानी और धर्म पुण्य करने वाले इंसान है जब भी देश पर कोई संकट आता है तो उस वक्त रतन टाटा आर्थिक रूप से देश का और जनता का पूरी तरह से सहयोग करते है इनकी कमाई का ज्यादातर हिस्सा दान में ही जाता है.

माना जाता है की देश में कई बार आर्थिक संकट आये उस स्थिति में रतन टाटा ने देश का पूरा सहयोग किया है और कई बार देश को अलग अलग प्रकार के आर्थिक संकट से बचाने का कार्य किया है जिसके कारण आज पुरे भारत में इन्हें बहुत ही ज्यादा मान सम्मान प्रदान किया जाता है.

टाटा किस देश की कंपनी है

टाटा एक भारतीय कंपनी है जिसकी स्थापना भारत में की गयी थी हालांकि वर्त्तमान समय में यह कंपनी भारत के 100 से ज्यादा देशो में अपना व्यापार करती है एवं इस कंपनी का मुख्यालय भारत के मुंबई शहर में स्थित है यह भारत की बहुत ही पुरानी और लोकप्रिय कंपनी है एवं यह एक ऐसी कंपनी है जो कई विदेशी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही है.

टाटा कंपनी का इतिहास

टाटा कंपनी का इतिहास काफी ज्यादा पुराना है इस कंपनी की स्थापना श्री जमशेद जी टाटा के द्वारा सन् 1868 में की गयी थी एवं टाटा कंपनी के संस्थापक जमशेद जी टाटा का जन्म सन् 1839 को गुजरात के एक छोटे से कस्बे नवसारी में हुआ था एवं इनकी माता जी का नाम जीवनबाई टाटा और पिताजी का नाम नौशेरवांजी था.

नौशेरवांजी अपने खानदान के सबसे पहले व्यवसायी थे जिन्होंने एक अच्छे व्यवसाय के लिए मुंबई में अपना कदम रखा एवं जमशेद जी ने 1858 में अपनी पढाई पूरी करने के बाद अपने पिताजी नौशेरवांजी के व्यवसाय में अपना हाथ बटाने लगे यही से इन्होने टाटा कंपनी की स्थापना शुरू की.

टाटा कंपनी की शुरुआत रुई बनाने वाली फैक्ट्री के रूप में की गयी लेकिन इस कंपनी की सेवाओं और प्रोडक्ट की डिमांड देश भर में काफी तेजी से बढ़ने लगी जिसके कारण यह कंपनी बेहद ही कम समय में काफी ज्यादा लोकप्रिय हो गयी अहिया और धीरे धीरे इस कंपनी ने अन्य कई प्रकार के प्रोडक्ट बनाने शुरू कर दिए.

जमशेद जी हमेशा अपने व्यापार को बढाने के ऊपर फोकस करते थे एवं इनका सपना था की वो अपनी खुद की एक बहुत बड़ी होटल बनाये परिणामस्वरूप इन्होने मुंबई की सबसे लोकप्रिय ताज होटल का निर्माण किया जो भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में काफी ज्यादा लोकप्रिय है इसके बाद सन् 1904 में जमशेद जी का देहांत हो गया.

टाटा कंपनी का मुश्किल दौर

इस कंपनी को शुरुआत से लेकर अब तक कई प्रकार की मुसीबतों का सामना करना पड़ा एवं एक समय ऐसा आया जब रतन टाटा को कंपनी में काफी ज्यादा नुकसान देखने के लिए मिल रहा था ऐसे में उनके सलाहकारों ने उन्हें कंपनी बेचने का सुझाव दिया क्युकी उस वक्त यह कंपनी लगातार घाटे में जा रही थी.

ऐसे में रतन टाटा अपनी कंपनी को बेचने के लिए अमेरिका की फोर्ड कंपनी के साथ वार्ता की ऐसे में फोर्ड कंपनी के द्वारा रतन टाटा का काफी ज्यादा अपमान किया गया एवं इन्होने कहा की अगर आपको बिजनेस करना ही नही आता तो आप इसमें इतना पैसा इन्वेस्ट क्यों कर रहे है इसके साथ ही उन्होंने कहा की इस कंपनी को खरीदकर हम आपके ऊपर बहुत बड़ा अहसान कर रहे है.

इस एक बात ने रतन टाटा का जीवन पूरी तरह से बदल दिया इसके बाद इन्होने अपना विचार बदल दिया और कंपनी को न बेचने का निर्णय लिया इसके बाद जिस कार की वजह से इनकी इतनी आलोचना हो रही थी उसी कंपनी का इन्होने एक नाय मॉडल बनाकर तैयार किया इस मॉडल को लांच करने के बाद इस कंपनी की सेल बेहद ही तेजी से बढ़ने लगी.

इसके बाद जब जेगुआर और लैंड रोवर दोनों कंपनी काफी ज्यादा घाटे में चल रही थी तो उस वक्त रतन टाटा ने इन दोनों ब्रांड को खरीदकर अपने अपमान का बदला लिया इस प्रकार से इन्होने अपनी डूबी हुई कंपनी को दुबारा से खडा किया और दुनियाभर में टाटा कंपनी को एक अलग पहचान दी.

इस आर्टिकल में हमने आपको टाटा कंपनी के मालिक कौन है एवं यह किस देश की कंपनी है इसके बारे में जानकारी प्रदान की है हमे उम्मीद है आपको हमारी बताई गयी जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें और इससे जुडा किसी भी प्रकार का सवाल पूछने के लिए आप हमे कमेंट करके बता सकते है.