आज का हमारा आर्टिकल Motorola के बारे में है इसमें हम आपको मोटोराला किस देश की कंपनी है और मोटोरोला के मालिक कौन है इसके बारे में बताने वाले है अगर हम 40-50 साल  बात करें तो उस समय टेक्नोलॉजी में पूरा विश्व काफी पिछड़ा हुआ था व ऐसे में मोटोरोला ने अपने प्रोडक्ट द्वारा देश में एक अलग ही पहचान बनायीं थी क्युकी विश्व का सबसे पहला मोबाइल फोन इसी कंपनी ने बनाया था.

motorola kis desh ki company hai

आज कई लोग मोटोरोला फोन का इस्तमाल करते है पर उसमे से अधिकांश लोगो को इस कंपनी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती तो हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको पूरी जानकारी बताने वाले है की ये किस देश की कंपनी है और इस कंपनी को कब व किसके द्वारा बनाया गया था इन सब के बारे में आज हम विस्तार से बात करेंगे.

Motorola किस देश की कंपनी है

यह अमेरिका की एक मल्टीनेशनल टेलिकम्यूनिकेशन कंपनी थी पर बादमे इस कंपनी के दो हिस्से हो गए जो की Motorola Mobility व Motorola Solutions थी इसके बाद  कंपनी का नाम Motorola Inc से बदलकर Motorola Solutions रख दिया गया था व इसके बाद 2012 में इस कंपनी को google company ने खरीद लिया था व इसके दो साल बाद 2014 में मोटोरोला कंपनी को गूगल के पास से चायना की एक कंपनी lenovo ने खरीद  लिया था.

जब इस कंपनी को lenovo ने ख़रीदा तो इसके बाद ये कंपनी चायना की कंपनी हो गयी थी व इसके बाद यह कंपनी  मोबाईल फोन व कन्सूमर इलेक्ट्रॉनिक आदि प्रोडक्ट बनाने का कार्य करती है व हाल में ये कंपनी कई अलग अलग प्रकार के प्रोडक्ट बनाने का कार्य करती है.

मोटोरोला कंपनी कब बनी

मोटोरोला कंपनी की शुरुआत 25 सितंबर 1928 मे हुई थी व उस समय इस कंपनी को Galvin Manufacturing के नाम से जाना जाता था व इस कंपनी ने अपना पहला प्रोडक्ट  बैटरी eliminator  बनाया था उसके बाद इस कंपनी ने रेडिओ व अन्य अलग अलग प्रकार के उपकरण बनाने शुरू कर दिए थे.

विश्व का सबसे पहला मोबाइल मोटोरोला कंपनी के द्वारा ही बनाया गया था व दुनिया का सबसे पहला मोबाइल सन्न 1984 में मोटोरोला  कंपनी के द्वारा बनाया गया था जिसको हाथ में उठाकर बात की जा सकती थी इस फोन का वजन 1 किलो से भी अधिक था व उस समय इस फोन की कीमत 10 हजार अमेरिकी अमेरिकी थी व भारत के रूपए  की बात करें तो इसको कीमत 7 लाख रूपए के करीब रखी गयी थी.

मोटोरोला के मालिक कौन है

मोटोरोला कंपनी को 25 सितंबर 1928 में Paul Galvin व Joseph Galvin द्वारा ख़रीदा गया था व उस समय इसे एक नीलामी में 750 अमेरिकी  डॉलर में इस कंपनी को ख़रीदा था उस समय यह कंपनी बहुत ही छोटी कंपनी थी व इसको खरीद कर किराए की एक छोटी  सी जगह पर इसको शुरू कर दिया गया.

इसके बाद इस कंपनी की कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गयी व इसको रजिस्टर किया गया इसके बाद इनके पास 565 अमेरिकी डॉलर बचे हे व इस वक्त इस कंपनी का नाम  Galvin Manufacturing था व बादमे इस कंपनी ने मोटोरोला नाम का एक रेडिओ बनाया जो की मार्किट में काफी पॉपुलर हुआ व इसके बाद इस कंपनी का नाम बदलकर मोटोरोला कर दिया गया था.

शुरुआत में इस कंपनी ने मार्केट में बहुत ही अच्छी पकड़ बनायीं थी व इसके प्रोडक्ट में बहुत ही अधिक सेल हो रहे थे अधिकांश लोग उस वक्त मोटोरोला के फोन का ही इस्तमाल करते थे पर इसके बाद जैसे ही china की मोबाइल बनांने वाली कंपनी मार्किट में उतरी तो इसके बाद धीरे धीरे इस मोटोरोला की डिमांड कम होने लगी व इसके बाद लोग china के प्रोडक्ट की तरफ आकर्षित हुए व इस कारण से इस कंपनी की सेल में काफी गिरावट आयी.

मोटोरोला को लेनोवो द्वारा ख़रीदे जाने का मुख्य कारण यही था की china में मोबाइल फोन को काफी कम कीमत में बनाया जा सकता था जबकि अमेरिका जैसे देश में मोबाइल फोन बनाने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे जिसके कारण google कंपनी ने इस कंपनी को लेनोवो को बेच दिया.

Calculation – हमने आपको इस आर्टिकल में motorola किस देश की कंपनी है व मोटोरोला के मालिक कौन है इसके बारे में जानकारी दी है वास्तव में कुछ समय पहले की बात करें तो मोटोरोला विश्व की सबसे बेहतरीन मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनी थी पर बादमे china के प्रोडक्ट के सामने ये कंपनी अधिक समय तक टीक नहीं पायी अगर आप मोटोरोला से सम्बंधित किसी प्रकार का सवाल पूछना चाहते है तो आप हमे कमेंट कर के बता सकते है.

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