नमस्कार मित्रो आज हम आपको  INR Full Form in Hindi के बारे में बताने वाले है अक्सर आपने INR के बारे में तो सुना ही होगा पर कई लोगो को इसके बारे में विशेष जानकारी नही होती की INR किसे कहते है, इसका अर्थ क्या होता है व इस शब्द का इस्तमाल कब और किसलिए किया जाता है तो इसकी पूरी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है.

INR Full Form in Hindi

भारत के हर व्यक्ति को INR के बारे में पता होना जरुरी है यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तमाल अक्सर आपको अलग अलग जगह पर करना होता है ऐसे में अगर आपको INR के बारे में जानकारी होगी तो इससे आपको काफी फायदेमंद साबित होगा अगर आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है तो आप INR Full Form in Hindi आर्टिकल को ध्यान से पढ़े.

INR Full Form in Hindi

INR से जुडी अन्य जानकारी बताने से पहले हम आपको इसके इसके पुरे नाम के बारे में बता रहे है की इसे हिंदी या अग्रेजी में क्या कहते है.

INR Full Form – Indian Rupees

हिंदी भाषा में INR को भारतीय रुपया भी कहा जाता है व INR को कई जगह पर IR के नाम से भी जाना जाता है.

INR क्या है

जैसे की हमने आपको बताया की INR का पूरा नाम Indian rupees होता हैं जो की भारत की एक अधिकारिक मुद्रा मानी जाती हैं व INR को‌ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा जारी किया जाता हैं व नियंत्रित किया जाता हैं INR को Rs के रुप में भी चिन्हित किया जाता हैं व इसका प्रतिस्थापन “₹” होता है.

Indian rupees को पहले RS के रुप में प्रस्तुत किया जाता था पर अभी इसको ₹ symbol के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। इस कोड को अधिकारिक रुप से सन्‌ 2010 में अपनाया गया था.

Indian Rupee कई समय से दो अलग अलग रुपों में उपलब्ध हैं जिसमे में एक सिक्का होता हैं व दुसरा नोट होता है। आप सब जानते होगे की भारतीय मुद्रा को नोट कहा जाता हैं जबकि छोटे संप्रदायों में सिक्के को पैसे कहा जाता है.

एक रुपये मे 100 पैसे होते हैं व प्राचिन समय मे 1 पैसा, 10 पैसे, 25 पैसे, 50 पैसे आदि के सिक्के भी होते थे पर वर्तमान में उन सिक्को का संचालन लगभग सभी स्थानों पर बंद हो गया हैं अभी सिक्के के रुप में 1 रुपया, 2 रुपये, 5 रुपये व 10 रुपये आदि के सिक्के इस्तेमाल किये जाते है.

INR का‌ इतिहास

जैसे की हमने आपको बताया था की इसका पूरा नाम भारतीय रुपया होता हैं यह भारत की राष्ट्रीय मुद्रा हैं जो की अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में भारत की राष्ट्र की पहचान हैं रुपया का निर्माता भारतीय रिजर्व बैक है.

रुपया का नया चिन्ह प्रतीक आने से पूर्व इसको ‘रु’ के रुप में दर्शाया जाता हैं व इसको अग्रेजी में Re या RP या Rs के रुप में इस्तेमाल किया जाता था व भारतीय मुद्रा का official symbol ‘₹’ को 15 जुलाई 2010 में चुना गया था व इसको design करने का श्रेय गुवाहाटी के प्रोफेसर डी. उदय कुमार को जाता है.

भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर व ब्रिटिश पाउंड व जापानी य्र्न और यूरोपीय यूरो के‌ बाद पांचवी ऐसी मुद्रा हैं जिसको प्रतीक चिन्ह के द्वारा पहचाना जाता है। एवं इसके लिए एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था जिसके लिए सरकार को लगभग 3000 से भी ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे.

भारतीय रुपये को पैसे में भी विभाजित किया जा सकता हैं व भारत की मुद्रा में सिक्के 1, 2, 5, 10 रुपये व नोट 1, 2, 5, 10, 50, 100, 200, 500, 2000 रुपये के रुप में उपलब्ध होता है.

कई लोग मानते हैं की सर्वप्रथम रुपया मध्य शाह ने 1486 से 1545 में शेर शाह सुरी के द्वारा 40 रुपये तांबा के मूल्य पर पेश किये गये थे उसके बाद 1770 को ब्रिटिश सरकार के द्वारा कागजी रुपये को जारी किया गया था.

भारतीय रुपया की सुरक्षा

भारतीय रुपया की सुरक्षा का एक बहुत बडा सवाल होता हैं क्युकि आप सब जानते हैं की बाजार में कितने सारे नकली नोट का इस्तेमाल होता हैं जिसमे से आपको 5 रुपये से 2000 रुपये तक के नकली नोट बहुत आसानी से‌ मिल जाते हैं व इन नकली रुपयों को बनाने के लिए कुछ ऐसी technology का इस्तेमाल होता हैं जिससे की असली व नकली नोट को आसानी से पहचाना नही जा सकता.

इसके कारण प्रतिदिन कई लोग इसका शिकार बन जाते हैं व असली रुपये की जगह पर उन्होंने नकली रुपये थमा दिये जाते हैं इसकी पहचान के लिए सरकाने ने कुछ symbol भी जारी किये हैं जिससे की आप असली व नकली नोट को आसानी से‌ पहचान सको वो कुछ इस प्रकार के होते हैं.

  • Watermarking
  • Fluorescence
  • Insert Security Thread
  • Use Identification Marks
  • Use of Optically Variable Ink

नकली नोट अधिकांश बडी रकम जैसे 500 या 2000 के नोट में इस्तेमाल होती हैं इसलिए आप कोई भी नोट खरीदे तब आप उसकी जाच जरुर कर ले की आपके पास जो नोट हैं वह नकली तो नहीं है। क्युँकि नकली नोट रखना या नकली नोट का इस्तेमाल करना गैरकानूनी होता हैं जिसके कारण आपको सजा भी हो सकती हैं इसलिए आपको सावधानी बरतनी बहुत आवश्यक है.

INR का महत्त्व

आप किसी भी देश में कुछ भी खरीदते है तो उसका भुगतान आपको मौद्रिक करना होता है वैसे ही आप भारत में कुछ भी खरीदते है तो आपको भारतीय रूपए के रूप में सामान का भुगतान करना होता है वही विदेश में कोई भुगतान करना हो तो वहां की करंसी के रूप में आपको किसी भी देश में भुगतान करना होता है.

अगर आपको विदेश से कोई राशि भेजी जाती है तो वो बैंक अकाउंट में आने से पूर्व INR में कन्वर्ट हो जाती है उसके बाद वो राशि आपके बैंक खाते में भेजी जाती है एवं पैसा व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन चूका है क्युकी इसके बिना आप जीवन व्यतीत नहीं करा सकते, भोजन से लेकर अस्पताल तक कर चीज में आपको पैसो की जरुरत पड़ती है ऐसे में पैसो का महत्त्व भी हर पल बढ़ता रहता है.

Calculation – इस आर्टिकल के  माध्यम से हमने आपको INR Full Form in Hindi से सम्बंधित जानकारी दी है हमे उम्मीद है आपको हमारी बताई जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें और इससे जुडा किसी भी तरह का सवाल पूछना चाहे तो आप हमे कमेंट करके भी बता सकते है.

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