नमस्कार मित्रो आज हम DNC Full Form In Hindi के बारे में बताने वाले है जो की महिलाओ के  स्वास्थ्य से सम्बंधित होती है अक्सर कई लोगो को  डीएनसी के बारे में पता नहीं होता की डीएनसी क्या होता है, डीएनसी कैसे किया जाता है एवं इसके फायदे और  नुकसान आदि क्या क्या होते है तो इसकी पूरी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले है.

DNC Full Form In Hindi

डीएनसी के बारे में हम सभी ने कई बार सुना है और कई महिलाये डीएनसी करवा चुकी है ऐसे में इसकी जानकारी हम सभी के लिए भविष्य में काफी उपयोगी साबित हो सकती इसके साथ ही आपको DNC Full Form In Hindi और डीएनसी कब करवाई जाती है इसके बारे में भी पता होना आवश्यक है.

DNC Full Form In Hindi

DNC क्या है, कब करवाई जाती है और किसलिए करवाई जाती है इन सब के बारे में  बताने से पहले हम आपको इसके पुरे नाम के बारे में बता रहे है.

DNC Full Form – Dilation and Curettage

हिंदी में इसका अर्थ डाइलेशन और क्यूरेटेज होता है यह एक तरह की सर्जिकल प्रक्रिया होती है जिसमे गर्भाशय की सफाई की जाती है एवं इस प्रक्रिया में गर्भाशय ग्रीवा को  खोलकर उसमे से मौजूद ऊतक को बाहर निकला जाता है.

DNC क्या है

जैसा की हमने आपको  बताया की यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है इस प्रक्रिया में गर्भाशय की सफाई की जाती है इस प्रक्रिया को करने में 15 से 20 मिनिट तक का समय लग जाता है एवं DNC मुख्य रूप से क्लिनिक, अस्पताल, ऑपरेशन थिएटर आदि स्थान पर करवाई जाती है इस प्रक्रिया को करते वक्त महिला के गर्भाशय ग्रीवा को खोलकर गर्भाशय में मौजूद टिशू को बाहर  निकालकर गर्भ की सफाई की जाती है.

DNC कब की जाती है

DNC कुछ मुख्य  परिस्थिति में करवाई जाती है इसके कुछ अलग अलग कारण होते है हम आपको कुछ मुख्य कारण बता रहे है जिसमे डॉक्टर DNC की सलाह दे सकते है.

  • मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव – अगर किसी महिला को मासिकधर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव हो रहा है तो  ऐसे में डॉक्टर उस महिला को डीएनसी की सलाह दे सकते है.
  • गर्भपात करने के लिए – कई बार ऐसा होता है की महिलाये  समय से पहले गर्भवती हो जाती है जबकि वो माँ बनने को तैयार नहीं होती ऐसी स्थिति में गर्भपात करवाने के लिए डीएनसी करवाई जाती है.
  • बच्चेदानी में रसौली होना – कुछ महिलाओ को इस तरह की समस्या होती है जिसमे बच्चेदानी में रसौली हो जाती है उस स्थिति में डॉक्टर डीएनसी की सलाह देते है.
  • गर्भाशय में रक्तस्राव – किसी भी महिला को गर्भाशय में अधिक रक्तस्राव हो रहा हो तो डॉक्टर उस महिला को डीएनसी की सलाह दे सकते है.
  • शरीर में ऐठन का दर्द होने पर – अगर किसी महिला को शरीर के किसी हिस्से में ऐठन का दर्द हो रहा हो और यह दर्द पिछले कुछ दिन से लगातार हो रहा हो तो इसका मुख्य कारण क्या है यह पता लगाने के लिए डीएनसी करवाई जाती है.
  • गर्भाशय का कैंसर पता करने के लिए – यह स्थिति तब आती है जब डॉक्टर को महिला के गर्भाशय में कैंसर होने का शक हो उस स्थिति में डीएनसी करवाई जाती है जिससे डॉक्टर का शक दूर हो सके.

यह कुछ मुख्य परिस्थिति अथवा कारण होते है जिसमे डॉक्टर DNC करवाने की  सलाह दे सकते है इसकी विस्तृत जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते है.

DNC से पहले की जाने वाली जाँच

DNC महिला के सबसे सवेदनशील अंग पर की जाती है ऐसे में छोटी गलती भी बड़े घातक परिणाम दे सकती है इस स्थिति में डॉक्टर द्वारा DNC करने से पहले कुछ जांच की जाती है जो निम्न प्रकार से है.

  • गर्भवती – डीएनसी की  प्रक्रिया गर्भपात के लिए अपनायी जाती है इसलिए डीएनसी करने से पहले यह जांचा जाता है की महिला गर्भवती है या नहीं
  • एलर्जी – किसी भी महिला की डीएनसी करवाई जाती है तो इससे पहले यह भी जांचा जाता है की कही महिला को किसी प्रकार प्रकार की एलर्जी आदि तो नहीं है.
  • ब्लीडिंग डिसऑर्डर – डीएनसी करने से पूर्व डॉक्टर महिला के ब्लीडिंग डिसऑर्डर के इतिहास की जाँच भी करते है.

डीएनसी करने से पहले निम्न प्रकार की जाँच की जाती है ताकि बादमे किसी भी तरह की परेशानी न आये और सुरक्षित तरीके से डीएनसी करवाई जा सके.

DNC कैसे की जाती है

DNC नाजुक अंग से जुडी होने के कारण इसमें काफी सावधानी बरती जाती है एवं हम आपको DNC कैसे की जाती है इसकी प्रक्रिया बता रहे है ताकि आपको पता चल सके की आखिर यह डीएनसी होती कैसे है.

  • मरीज को एनेस्थीसिया देना – जब इस प्रक्रिया को शुरू किया जाता है तो सबसे पहले मरीज महिला को एनेस्थीसिया दिया जाता है इसे दिया जाने का मुख्य कारण यही है की डीएनसी के दौरान महिला को किसी तरह का दर्द महसूस न हो सके.
  • स्पेक्युलुम डालना – जब मरीज को एनेस्थीसिया दी जाती है तो इसके बाद मरीज की योनि में स्पेक्युलुम डाला जाता है इससे गर्भाशय फ़ैल जाता है और गर्भाशय ग्रीवा अच्छे से दिखाई देने लगता है.
  • गर्भाशय में रॉड डालना – योनि में स्पेक्युलुम डालने के बाद गर्भाशय में कुछ रॉड डाले जाते है इसकी मदद से गर्भाशय की ग्रीवा को फैलाया जाता है.
  • क्यूरेट का इस्तमाल – जब गर्भाशय की ग्रीवा  फ़ैल जाती है तो इसके बाद क्यूरेट उपकरण का इस्तमाल किया जाता है इसकी मदद से गर्भाशय में मौजूद उत्तक को बहार निकाला जाता है.
  • सभी उपकरण निकलना – जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो इसके बाद गर्भाशय ग्रीवा में लगाये गए सभी उपकरणों आदि को बाहर निकाल दिया जाता है.

अंत में जो भी उत्तक निकलते है उन्हें जाँच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है ताकि उत्तको के बारे में  विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सके.

DNC करने के बाद क्या होगा

जिन महिलाओ की डीएनसी की जाती है तो डीएनसी पूरी होने के बाद कुछ आसान प्रोसेस होती है जिसे फॉलो किया जाता है ताकि महिला को किसी प्रकार का जोखिम न रहे यह प्रक्रिया निम्न प्रकार से होती है.

रिकवरी रूम – जब डीएनसी पूरी होती है तो इसके बाद सबसे पहले रिकवरी रूम में महिला को ले जाया जाता है जहां उसके स्वस्थ की हर वक्त मॉनिटरिंग की जाती है.

दवाइया – डीएनसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को रक्तश्राव एवं दर्द आदि की समस्या होने की संभावना रहती है इसलिए डॉक्टर दर्द निवारक दवाइया देते है.

अस्पताल में रहना – सामान्यत डीएनसी होने के बाद कुछ समय तक अस्पताल में रहने के बाद छुट्टी दी जाती है पर स्वास्थ्य सही न दिखने की स्थिति में डॉक्टर अधिक समय के लिए मरीज को अस्पताल रखने की सलाह दे सकते है.

DNC के बाद जोखिम

डीएनसी के बाद कुछ महिलाओ को अलग अलग तरह की समस्या होने का खतरा भी हो सकता है डीएनसी करवाने के बाद महिलाओ को क्या क्या जोखिम हो सकते है वो निम्न प्रकार से है.

रक्तस्राव होना – ज्यादातर महिलाओ को डीएनसी के बाद  अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है हालांकि इससे बचाव के लिए दर्द निवारक दवाइया दी जाती है.

ऐंठन होना – कई महिलाओ को डीएनसी के बाद ऐंठन की समस्या भी होती है.

पेट दर्द – डीएनसी करवाने के बाद कुछ महिलाओ को पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है.

संक्रमण – डीएनसी करवाने के बाद गर्भाशय में संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ जाता है.

अनियमित मासिकधर्म –  डीएनसी करने के बाद अनियमित मासिकधर्म आते है ऐसे में डॉक्टर की सलाह ले सकते है.

निम्न प्रकार की कुछ परेशानिया महिलाओ को डीएनसी के बाद होने की संभावना होती है अगर इस तरह के कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और इसका उचित इलाज लेना चाहिए.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको DNC Full Form In Hindi के बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है आपको हमारी बताई जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें और इससे जुड़ा किसी भी तरह का सवाल पूछना चाहे तो आप कमेंट करके बता सकते है.

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