बिल और इनवॉइस में क्या अंतर है?

नमस्कार मित्रो आज हम आपको बिल और इनवॉइस में क्या अंतर होता है इसके बारे में बताने वाले है अक्सर कई बार आपने इनवॉइस और बिल आदि को देखा होगा ऐसे में कई लोगो के मन में इस प्रकार के सवाल आते है की आखिर इन दोनों का अर्थ क्या होता है और इन दोनों में कौन कौनसे अंतर होते है तो ऐसे में यह आर्टिकल आपके लिए बेहद ही उपयोगी साबित हो सकता है.

इनवॉइस और बिल

हाल में हर एक व्यक्ति के लिए इस प्रकार की जानकारी बेहद ही उपयोगी साबित होती है इसलिए आपको बिल और इनवॉइस के बारे में पता होने बेहद ही आवश्यक है अगर आप इससे जुडी विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो बिल और इनवॉइस में क्या अंतर है यह आर्टिकल ध्यान स पढ़े ताकि आपको इसकी पुँरी जानकारी प्राप्त हो सके.

बिल और इनवॉइस में क्या अंतर है

बिल और इनवॉइस काफी हद तक एक समान होते है लेकिन इन दोनों में कुछ ख़ास अंतर होते है जिससे की इन दोनों की पहचान की जाती है ऐसे में हम आपको इनके कुछ खास अंतर बता रहे है जो की निम्न प्रकार से है.

  • जब हम किसी प्रकार का सामान खरीदते है तो उस सामान के लेनदेन का रिकोर्ड बिल में रखा जाता ह वही उत्पाद/सर्विस की खरीद अथवा उत्पाद/ सर्विस की शिपिंग के बाद जो रिकॉर्ड भेजा जाता है उसे इनवॉइस कहा जाता है.
  • बिल में सामान्यत मोबाईल नंबर, दूकान का नाम, शोपिंग की तारीख, रूपए, सामान आदि की जानकारी लिखी होती है वही इनवॉइस में मुख्यत नाम और कस्टमर आईडी एवं खाता से सम्बंधित जानकारी लिखी होती है.
  • बिल और इनवॉइस दोनों हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध होते है हालांकि इन दोनों में अलग अलग प्रकार की जानकारी प्रिंट होती है.
  • बिल का इस्तमाल अक्सर ऑफलाइन बिजनेस में ज्यादा किया जाता है वही इनवॉइस का इस्तमाल ऑनलाइन बिजनेस में ज्यादा किया जाता है.
  • बिल को हमेशा एक वेंडर के माध्यम से दिया जाता है वही इनवॉइस को हमेशा एक डिलीवरी बॉय के माध्यम से दिया जाता है जैसे की ऑनलाइन प्रोडक्ट खरीदने पर दिया जाता है.

इस प्रकार से इन दोनों में कुछ खास प्रकार के अंतर होते है जब आप दूकान से कोई सामान खरीदते है तो उस वक्त आपको बिल दिया जाता है वही जब आप ऑनलाइन तरीके से कोई प्रोडक्ट खरीदते है तो आपको इनवॉइस दिया जाता है

बिल क्या है

जब हम किसी भी दूकान आदि से कोई भी सामान खरीदते है या किसी भी प्रकार की शोपिंग करते है तो उस वक्त हमे बिल दिया जाता है जिसमे शोपिंत से जुडी जानकारी लिखी होती है जिसमे ख़रीदे गये सामान की जानकारी, ग्राहक का नाम, शोपिंग की तारीख, शोपिंग की राशि आदि से जुडी जानकारी लिखी जाती है इसके माध्यम से ग्राहक को पता चल जाता है की उसने कौन कौनसी शोपिंग की है एवं उनकी प्राइज क्या है.

अगर आप कोई ऐसा सामान खरीद रहे है जिसमे आपको गारंटी या वारंटी दी जा रही है तो उस वक्त बिल आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है क्युकी उस प्रोडक्ट को Replace करने के लिए आपको बिल की आवश्यकता पडती है अगर आपके पास बिल नहीं है तो आप उस प्रोडक्ट को Replace नही करवा पायेगे.

कच्चा बिल और पक्का बिल क्या है

अक्सर कई बार आपने सुना होगा की बिल 2 प्रकार के होते है पहला तो कच्चा बिल और दूसरा पक्का बिल ऐसे में लोग सोचते है की आखिर यह कच्चा बिल और पक्का बिल क्या होता है तो हम आपको इन दोनों के बिच का अंतर बता रहे है जो की निम्न प्रकार से है.

  • कच्चा बिल: यह दुकानदार के द्वारा दिया जाने वाला एक साधारण बिल होता है जिसकी कोई वैल्यू नहीं होती एवं सरकारी रूप से कच्चा बिल किसी भी तरीके से वैध नहीं माना जाता अगर कोई दुकानदार कच्चा बिल देता है तो इसका अर्थ है की वो दुकानदार आपके और सरकार के साथ धोखा कर रहा है एवं टैक्स बचाने के चक्कर में आपको गुमराह कर रहा है.
  • पक्का बिल: इसे सरकार के द्वारा मान्यता प्राप्त होती है एवं जो दुकानदार पक्का बिल देते है तो उन्हें पक्के बिल के अनुसार टैक्स भी भरना होता है अगर जरुरत पड़े तो आप पक्के बिल को एक सबूत के रूप में इस्तमाल कर सकते है एवं हर एक छोटे बड़े व्यापारी के पास पक्के बिल की कॉपी जरुर होती है जिसके की वो ग्राहकों को पक्का बिल दे सके.

इनवॉइस क्या है

इनवॉइस भी बिल की तरह ही होता है हालांकि इसमें कुछ अलग प्रकार की जानकारी प्रिंट होती है जब आप ऑनलाइन तरीके से कोई प्रोडक्ट खरीदते है तो उसमे आपको अक्सर इनवॉइस दिया जाता है जिसे ज्यादातर लोग बिल के रूप में ही जानते है हालांकि उसे बिल नही इनवॉइस कहा जाता है.

इसमें ग्राहक का नाम, प्रोडक्ट की जानकारी, प्रोडक्ट खरीदने की तारीख, कस्टमर आईडी, यूजर का पता एवं कस्टमर के अकाउंट की जानकारी आदि दर्ज होते है इसमें बिल की तुलना में काफी ज्यादा जानकारी प्रिंट होती है एवं इसमें सरकार के द्वारा सभी टेक्स शामिल करके इनवॉइस बनाया जाता है इसे आवश्यकता पड़ने पर सबूत के तौर पर इस्तमाल किया जा सकता है.

इस आर्टिकल में हमने आपको बिल और इनवॉइस में क्या अंतर है इसके बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है आपको हमारी बताई गयी जानकारी उपोयगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें और इससे जुडा किसी भी प्रकार का सवाल पूछने के लिए आप हमे कमेंट करके भी बता सकते है.