नमस्कार मित्रो आज हम आपको DD Full Form के बारे में बताने वाले है की डीडी क्या होता है और डीडी किसे कहते है एवं इस शब्द का इस्तमाल कहा पर किया जाता है इन सब के बारे में इस आर्टिकल में हम विस्तृत रूप से बताने वाले है अगर आपको डीडी के बारे में जानकारी नही है तो ऐसे में यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही उपयोगी सबित हो सकता है.

DD Full Form

अक्सर कई बार अपने इसके बारे में सुना होगा लेकिन बहुत ही कम लोगो को डीडी का अर्थ पता होता है ऐसे में कई लोग इन्टरनेट पर इससे जुडी जानकारी सर्च करते है लेकिन जिन लोगो को डीडी के बारे में पता नही है उनके लिए यह आर्टिकल बहुत ही उपयोगी साबित होगा क्युकी इसमें हम आपको डीडी से जुडी पूरी जानकारी विस्तृत रूप से बतायेगे इसके बारे में जानने के लिए आप DD Full Form क्या है यह आर्टिकल ध्यान से पढ़े.

DD Full Form in Hindi

डीडी क्या होता है एवं डीडी किसे कहते है इसके बारे में बताने से पहले हम आपको इसके पुरे नाम के बारे में बता रहे है की आखिर डीडी को हिंदी एवं अंग्रेजी में क्या कहते है तो इसका पूरा नाम निम्न प्रकार से है.

DD FULL FORM – DEMAND DRAFT

देवनागरी भाषा में इसको डिमांड ड्राफ्ट कहा जाता है एवं हिंदी में डीडी को मांग पत्र भी कहा जाता है यह बैंक के द्वारा जारी किया जाने वाला लिखित प्रपत्र होता है जिसके ऊपर बैंक का स्टाम्प होता है एवं डीडी बनानें वाले अधिकारी एवं लाभार्थी के हस्ताक्षर भी अंकित होते है.

डीडी क्या है

डीडी को बैंक के द्वारा जारी किया जाता है एवं इसका इस्तमाल एक व्यक्ति द्वारा दुसरे व्यक्ति को पैसे ट्रान्सफर करने के लिए किया जाता है एवं यह किसी भी व्यक्ति के नाम से जारी किया जाता है जिसके अन्दर रकम आदि की जानकारी भी होती है.

  • डीडी के द्वारा किसी भी राशि को उसी बैंक या अन्य किसी बैंक की ब्रांच में ट्रान्सफर किया जा सकता है.
  • डीडी से लेनदेन करना चेक की तुलना में काफी ज्यादा सुरक्षित होता है इसका मुख्य कारण यह है की डीडी बनाने पर आपको बैंक में जाकर पहले पैसे जमा करने होते है इसके बाद ही आप डीडी बना सकते है जबकि चेक में पहले पैसे जमा करवाने की जरुरत नही पड़ती इस कारण से अकाउंट में पैसे न होने पर कई बार चेक बाउंस भी हो जाते है.
  • डिमांड ड्राफ्ट लेने के लिए आपको बैंक में जाने की जरुरत पड़ती है.
  • डिमांड ड्राफ्ट को ज्यादातर इस परिस्थिति में जारी किया जाता है जब दोनों पक्षों को एक दुसरे के ऊपर विश्वास कम हो जब दोनों पार्टी एक दुसरे से अनजान हो.
  • डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा पेमेंट करने से आप किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी एवं जालसाजी से खुद का बचाव कर सकते है यह काफी ज्यादा सुरक्षित तरीका होता है.

जब भी डिमांड ड्राफ्ट बनाया जाता है तो इसमें उक्त बैंक का स्टाम्प लगा होता है इसके साथ ही डीडी जारी करने वाले अधिकारी एवं लाभार्थी के हस्ताक्षर भी होते है जिससे की इसमें गलती की गुंजाइश काफी ज्यादा कम होती है एवं इसके कारण यह काफी सुरक्षित तरीका भी माना जाता है इसमें आप किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी आदि से भी बचे रहते है.

डीडी कैसे काम करता है

डिमांड ड्राफ्ट की सुविधा हर एक व्यक्ति के लिए उपलब्ध है चाहे उसका अकाउंट किसी भी बैंक में हो या न हो इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता, अगर कोई भी व्यक्ति दूसरी पार्टी को पेमेंट करना चाहता है लेकिन उसे उस पार्टी के ऊपर भरोषा नहीं है या जालसाजी का शक है तो ऐसे में वो डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा पेमेंट कर सकता है इसमें धोखाधडी  की संभावना बहुत ही ज्यादा कम होती है अगर आप किसी को डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा पेमेंट करना चाहते है तो आप बैंक में जाकर इसका फॉर्म ले सकते है और उसे भरकर डिमांड ड्राफ्ट बना सकता है लेकिन जो लोग बैक जाने में असमर्थ है वो चाहे तो ऑनलाइन भी अपना डिमांड ड्राफ्ट भर सकते है और इसके द्वारा किसी भी व्यक्ति को पेमेंट कर सकते है.

डिमांड ड्राफ्ट कितने प्रकार के है

अक्सर कई लोगो के मन में इस प्रकार का सवाल आता है की यह डिमांड ड्राफ्ट कितने प्रकार का होता है तो हम आपको बता दे की यह 2 अलग अलग प्रकार का होता है जैसे.

साइट डिमांड ड्राफ्ट – इस डिमांड ड्राफ्ट को कुछ आवश्यक दस्तावेजो का वेरिफिकेशन करने के बाद ही मंजूर किया जाता है एवं इसका भुगतान किया जाता है अगर वेरिफिकेशन में किसी भी प्रकार की गलती पाई जाती है या प्राप्तकर्ता बैंक के द्वारा मांगे गये डॉक्यूमेंट पेश करने में असमर्थ होता है तो उसे डिमांड ड्राफ्ट का पैसा प्राप्त नही हो सकता.

टाइम डिमांड ड्राफ्ट – यह डिमांड ड्राफ्ट एक विशेष समय अवधि के बाद या उससे पहले देने योग्य होते है इसे बैंक से नही लिया जा सकता.

इस प्रकार से डिमांड ड्राफ्ट दो तरह के होते है व्यक्ति जिस डिमांड ड्राफ्ट को बनाना चाहे उस डिमांड ड्राफ्ट को बैंक जाकर इसका फॉर्म भरकर बना सकते है या चाहे तो ऑनलाइन भी डिमांड ड्राफ्ट बना सकते है.

ड्राफ्ट कैंसिल कैसे करें

अगर आप अपने ड्राफ्ट को कैंसिल करना चाहते है तो भी आप बेहद ही आसानी से अपने ड्राफ्ट को कैंसिल कर सकते है इसके लिए आपको बैंक में जाकर ड्राफ्ट कैंसलेशन फॉर्म लेना होता है इसके बाद आपको यह फॉर्म भरकर बैंक में जमा करना होगा उसके बाद आपका ड्राफ्ट कैंसिल कर दिया जाता है लेकिन इस बात का ध्यान भी जरुर रखे की अगर आप ड्राफ्ट कैंसिल करते है तो इसके 100 रूपए से लेकर 150 रूपए तक का शुल्क बैंक के द्वारा वसूला जाता है इसके बाद ही आपका ड्राफ्ट कैंसिल किया जाता है इसकी विस्तृत जानकारी आप सम्बन्धी बैंक में जाकर प्राप्त कर सकते है.

ड्राफ्ट एक्सपायर हो जाये तो क्या करें

जैसा की आप जानते होगे की ड्राफ्ट की अवधि जारी होने के बाद 3 माह तक वैध होती है यानी की आप 3 माह तक उस ड्राफ्ट का इस्तमाल कर सकते है इसके बाद वो एक्सपायर हो जाता है ऐसे में कई लोगो को ड्राफ्ट कैंसिल होने पर कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है क्युकी इसके बाद यां पैसा भुगतानकर्ता के अकाउंट में भी जमा नही होता.

इसलिए अगर आपका ड्राफ्ट एक्स्पायार हो जाता है तो ऐसे में आपको सम्बंधित बैंक में संपर्क करना होता है और उन्हें अपनी समस्या बतानी होती है इसके बाद बैंक के द्वारा ही उस समस्या का कोई न कोई समाधान निकाला जा सकता है एवं आप इस बात का ध्यान रखे की ड्राफ्ट एक्स्पिरे होने के बाद प्राप्तकर्ता या अन्य कोई भी व्यक्ति डीडी रद्द करने के लिए किसी भी प्रकार से बैंक में संपर्क नही कर सकता.

डिमांड ड्राफ्ट के फायदे

अगर आप अपना डिमांड ड्राफ्ट बनाते है तो इसके कई अलग अलग तरह के फायदे होते है इसमें से हम आपको कुछ मुख्य फायदों के बारे में बता रहे है जिनके बारे में आपको पता होना बेहद ही आवश्यक है यह फायदे निम्न प्रकार से है.

  • नकदी लेकर कही भी जाने पर कोई रिस्क नहीं रहती
  • चेक के मुकाबले काफी ज्यादा विश्वसनीय होता है
  • निवेदन शुल्क आदि देने में उपयोगी साबित होता है
  • डाक द्वारा किसी को भी भेजने में आसान
  • बेहद ही सुरक्षित तरीके से लेनदेन करना
  • धोखाधड़ी एवं जालसाजी का खतरा कम होना

इस तरह से डिमांड ड्राफ्ट बनाने के कई अलग अलग तरह के फायदे होते है जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए इनके फायदों की विस्तृत जानकारी के लिए आप सम्बंधित बैंक में संपर्क कर सकते है.

Demand Draft के नुकसान

जिस तरह से डिमांड ड्राफ्ट के कई अलग अलग तरह के फायदे होते है वैसे ही इसके कई तरह के नुकसान भी है जिनके बारे में आपको पता होना बेहद ही आवश्यक है हम आपको इसके कुछ बड़े नुकसान बता रहे है जो निम्न प्रकार से है.

  • बैंक से इश्यू करवाना पड़ता है जिसमे समय की बर्बादी होती है.
  • इसके लिए आपको शुल्क देना पड़ता है.
  • डाक में गुम होने का खतरा बना रहता है.
  • डिजिटल भुगतान के ज़माने में प्रयोग कम होता है
  • ड्राफ्ट एक्सपायर हो जाने पर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
  • ड्राफ्ट बनाने के बाद उसे कैंसिल करने के लिए भी चार्ज देना पड़ता है.

इस तरह से इसके कई तरह के नुकसान भी है इसलिए इसका इस्तमाल करने से पहले आप इसके फायदे और नुकसान के बारे में आपको अच्छे से जान लेना चाहिए और इसके बाद ही आपको अपना ड्राफ्ट बनाना चाहिए ताकि बादमे आपको किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको DD Full Form के बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है आपको हमारी बताई जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें और इससे जुडा किसी भी प्रकार का सवाल पूछना चाहे तो आप हमे कमेंट करके भी बता सकते है.

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