नमस्कार मित्रो आज हम आपको DA Full Form In Hindi के बारे में बता रहे है अक्सर हम सब DA के बारे में सुनते और पढ़ते है पर हमे इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं होती की आखिर यह होता क्या है तो इसकी पूरी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले है.

DA Full Form In Hindi

DA कई सभी के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है इसके कई अलग अलग कारण है जो हम आपको आर्टिकल में बतायेगे हाल में सभी सरकारी कर्मचारियों का इसका लाभ दिया जाता है इसके साथ ही कई प्राइवेट कंपनी भी अपने कर्मचारियों को DA का लाभ देती है अगर आपको DA के बारे में जानकारी नहीं है तो आप DA Full Form In Hindi आर्टिकल को ध्यान से पढ़े.

DA Full Form In Hindi

DA क्या होता है व यह कब और किसे दिया जाता है इसके बारे में बताने से पहले हम आपको इसका पूरा नाम बता देते है.

DA Full Form – Dearness Allowance

हिंदी में इसको महंगाई भत्ता भी कहा जाता है इसमें कर्मचारियों को वेतन के साथ महंगाई को देखते हुए अलग से भत्ता प्रदान किया जाता है इसी को महंगाई भत्ता कहा जाता है.

DA क्या है

हाल में महंगाई बहुत ही तेजी से बढ़ रही है जिसके कारण लोगो को घर चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ऐसे में सरकार द्वारा सभी कर्मचारियों को अलग से महंगाई भत्ता दिया जाता है जिससे की कर्मचारी बिना किसी परेशानी के  आसानी से अपनी आजीविका को चला सके व महंगाई भत्ते के साथ सरकार द्वारा मेडिकल सुविधा भी प्रदान की जाती है जिससे कर्मचारी और उसके परिवार के लोगो को अच्छा इलाज मिल सके.

DA किसे मिलता है

जो व्यक्ति सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया को पूरा करके सरकारी नौकरी प्राप्त करते है उन सभी को DA का लाभ दिया जाता है इसके साथ ही कई प्राइवेट कंपनी भी ऐसी होती है जो अपने कर्मचारियों को अलग से DA का लाभ देती है अगर आपको DA का लाभ लेना है तो इसके लिए आपको सरकारी नौकरी  प्राप्त करनी होगी और प्राइवेट सेक्टर में आप DA प्राप्त करना चाहते है तो आप कंपनी से संपर्क करके पता कर सकते है की वो अपने कर्मचारियों को DA का लाभ दे रही है या नहीं उसके बाद आप उस प्राइवेट कंपनी में जॉब प्राप्त करके इसका लाभ ले सकते है.

क्या महंगाई भत्ता बढ़ता है

जी हां समय समय पर महंगाई भत्ता भी बढ़ता रहता है जैसे जैसे कोई कर्मचारी पुराना होता है तो समय के साथ उसके वेतन और भत्ते में भी बढ़ोतरी होती है और जैसे जैसे महंगाई बढ़ती है वैसे ही प्रतिवर्ष महंगाई भत्ते में भी बढ़ोतरी की  जाती है  इस भत्ते को देने का उद्देश्य यही है की महंगाई में भी कर्मचारी और उसके परिवार के लोगो को आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े व इससे कर्मचारी काफी हद तक महंगाई की मार से बचे रहते है.

महंगाई  भत्ता कब शुरू हुआ

अक्सर लोग सोचते है की आखिर इस भत्ते की  शुरुआत कब हुई होगी तो हम आपको बता दे की यह दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान शुरू किया गया था इसमें सैनिको को उनकी तनख्वाह से अलग थोड़ा पैसा दिया जाता था जो उस वक्त का महंगाई भत्ता था व उस वक्त इसको खाद्य महंगाई भत्ता या डियरनेस फूड अलाउंस के नाम से जाना जाता था वही भारत की बात की जाए तो भारत में सबसे पहले मुंबई में सन्न 1972 में महंगाई भत्ता देने की शुरुआत की गयी व इसके बाद केंद्र और राज्य की सभी सरकारों ने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देना शुरू कर दिया.

डीए और एचआरए में क्या अंतर है

अक्सर ज्यादातर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते है पर आयकर विभाग के मुताबित दोनों की देनदारी अलग अलग तरह की होती है क्युकी एचआरए में प्राइवेट सेक्टर और पब्लिक सेक्टर दोनों तरह के कर्मचारी आते है जबकि डीए में केवल पब्लिक सेक्टर के कर्मचारी ही आते है एवं एचआरए में टैक्स में कुछ छूट दी जाती है जबकि डीए में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती है.

पेंशनर के लिए महंगाई भत्ता

पेंशनर को जो महंगाई भत्ता दिया जाता है उसको डियरनेस रिलीफ यानी की DR कहा जाता है व जब भी वेतन आयोग का नया वेतन ढांचा बनता है तो इसका असर रिटायर कर्मचारियों के पेंशन पर भी पड़ता है व जैसे जैसे महंगाई भत्ता बढ़ता है वैसे वैसे पेंशनर का DR भी बढ़ता रहता है.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको DA Full Form In Hindi के बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है आपको हमारी बताई जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें और इससे जुड़ा किसी भी तरह का सवाल पूछना चाहे तो आप हमे कमेंट करके भी बता सकते है.

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