नमस्कार मित्रो आज हम CRPC Full Form In Hindi के बारे में बता रहे है ज्यादातर लोगो को सीआरपीसी के बारे में पता नहीं होता तो यह आर्टिकल इसीलिए लिखा गया है ताकि हम आपको सीआरपीसी क्या होता है इसका अर्थ क्या है और इसके नियम कानून आदि क्या होते है इन सब के बारे में विस्तृत जानकारी बता सकें.

CRPC Full Form In Hindi

हम सभी के लिए सीआरपीसी शब्द बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्युकी अक्सर इस शब्द से सवाल हमारे सामने आते है तो हमे इसकी जानकारी न होने से हम ऐसे सवालों के जवाब नहीं दे पाते लेकिन अगर आपको इसकी जानकारी होगी तो आपके जीवन में यह बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है  सीआरपीसी के बारे में जानने के लिए आप CRPC Full Form In Hindi आर्टिकल ध्यान से पढ़े.

CRPC Full Form In Hindi

सीआईपीसी क्या होता है और किसे कहा जाता है इसके बारे में बताने से पहले हम आपको इसका पूरा नाम क्या है इसके बारे में बता रहे है.

CRPC Full Form – CRIMINAL PROCEDURE CODE

हिंदी में इसको दंड प्रक्रिया संहिता कहा जाता है यह एक कानूनी प्रक्रिया होती है जिसमे किसी भी अपराधी की गिरप्तारी की जाती है.

CRPC क्या है

यह दंड प्रक्रिया संहिता है इसे सन्न 1973 को पारित किया गया था व 1 अप्रेल 1974 में लागू किया गया था इस प्रक्रिया में पुलिस अपराधियों की जाँच करने के लिए दो अलग अलग तरीको को अपनाती है जिसमे पहला पीड़िता के सम्बन्ध में और दूसरा आरोपी के सम्बन्ध में होता है सीआरपीसी के अंतर्गत भी इन्ही चीजों का वर्णन किया गया है.

अगर सीआरपीसी की धाराओं की बात की जाये तो इसमें कुल 37 अध्याय तथा 484 धाराएं है आपको सीआरपीसी के कार्य प्रक्रिया के विवरण के बारे में जानकारी होनी बेहद ही आवश्यक है जो निम्न प्रकार से है.

  • किसी भी अपराध की जाँच करना
  • संदिग्धों के प्रति बरताव करना
  • साक्ष्य संग्रह प्रक्रिया
  • अपराधी दोषी है या नहीं यह निर्धारित करना आदि

सीआरपीसी गिरप्तारी कैसे होती है

अगर किसी भी व्यक्ति को गिरप्तार किया जाता है या हिरासत में लिया जाता है तो उसे पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन आदि में रखा जाता है इसके साथ ही  गिरप्तार किये गए व्यक्ति के परिवार, रिस्तेदार या दोस्तों को सूचित करना की निम्न व्यक्ति को गिरप्तार किया गया है इसका अधिकारी सरकारी अधिकारी को होता है.

CRPC कब लागू क्या गया

हर भारतीय नागरिक को यह पता होना आवश्यक है की CRPC को कब पारित किया गया व कब लागू किया गया था तो इसमें शुरुआत से लेकर अब तक कई तरह के संसोधन हुए है और अगर जरुरत पड़ी तो भविष्य में भी इसमें संसोधन किये  जा सकते है इसे 1973 में राजयसभा के द्वारा पारित किया गया था इसके बाद इसे 1 अप्रैल 1974 में लागू किया गया था इसमें पुलिस द्वारा गिरप्तारी करना, हिरासत में लेना, जमानत देना, जज के सामने व्यक्ति को पेश करना, वकील के द्वारा सबूतों को पेश करना आदि शामिल होते है.

क्या जम्मू कश्मीर में CRPC लागू है

अगर पहले की बात की जाये तो जाए तो पहले जम्मू कश्मीर में CRPC लागू नहीं था पर जब धारा 370 को हटाया गया तो इसके बाद से कश्मीर में भी CRPC को लागू किया गया इसके साथ ही भारत के अन्य सभी कानून भी कश्मीर में लागू होते है अब कश्मीर के लोगो पर भी CRPC की प्रक्रिया को अपनाया जाता है.

CRPC लागु करने के उद्देश्य

CRPC को लागु करने के कई मुख्य उद्देश्य थे इसके कुछ मुख्य उद्देश्य के बारे में हम आपको बता रहे है जो निम्न प्रकार से है.

  • जांच पड़ताल कर दोषी को  अपराधी सिद्ध करना.
  • बेगुनाह व्यक्ति को दण्डित होने से बचाना.
  • नियम कानून का पालन करना और बुरे व्यवहार से बचाव.
  • गलत  व्यवहार पर भी इसमें व्यक्ति को दण्डित किया जा सकता है.
  • यह प्रक्रियानुसार होने के कारण आपराधिक प्रक्रिया को मजबूत बनता है.
  • यह व्यवस्था तंत्र को मजबूत बनता है.

निम्न तरह के कई अलग कई अलग अलग ठोस उद्देश्य के  लिए इसको शुरू किया गया था व हाल में यह कानून व्यवस्था के लिए और कानूनी नियम के लिए  बहुत ही  उपयोगी  साबित हुआ है.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको CRPC Full Form In Hindi के बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है आपको जानकारी अच्छी लगी होगी अगर आपको  जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें और इससे  जुड़ा किसी भी तरह का सवाल पूछना चाहे तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है.

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मै रघुवीर चारण PMO Yojana का संस्थापक हूँ हमें लेख लिखना व किताब पढ़ना बेहद पसंद है है हम शिक्षा, कंप्यूटर, मोबाइल, सरकारी नौकरी, नई योजनाओं व इस प्रकार की अन्य कई जानकारी इस Website पर लिखते है

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