CCE Full Form in Hindi: सतत तथा व्यापक मूल्यांकन क्या है?

आज हम आपको CCE Full Form in Hindi के बारे में बताने वाले है। अक्सर कई बार आपने सोशल मीडिया या समाचार पत्रों में सीसीई के बारे में पढ़ा या सुना होगा, लेकिन अधिकांश लोगो को इसके बारे में पता नही होता की सीसीई किसे कहते है और इसका महत्व क्या होता है, तो ऐसे में यह लेख आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित होने वाला है।

CCE Full Form in Hindi

सीसीई शब्द शिक्षा प्रणाली से जुड़ा हुआ है, जो छात्रों के समग्र विकास और अधिगम को मापने के लिए अपनाया जाता है। इसके माध्यम से छात्रों की योग्यताओ का मूल्यांकन किया जाता है। अगर आप सीसीई से जुडी विस्तृत जानकरी प्राप्त करना चाहते है तो CCE Full Form in Hindi लेख को ध्यान से पढ़े।

CCE Full Form in Hindi

सीसीई को 2009 में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत लागू किया गया था। यह स्कूली शिक्षा का मूल्यांकन करने के लिए लागू की गई एक नीति है। सीसीई के बारे में अन्य जानकारी बताने से पहले हम आपको इसका पूरा नाम बता रहे है जो निम्न प्रकार से है:

CCE Full Form – Continuous and Comprehensive Evaluation

हिंदी में इसका अर्थ सतत तथा व्यापक मूल्यांकन होता है। इसके द्वारा छात्रों की क्षमताओं का मूल्यांकन किया जाता है जिसमे उनका शैक्षिक ज्ञान, कौशल, और व्यवहार आदि शामिल हैं।

CCE क्या है?

यह स्कूली छात्रों का मूल्यांकन करने के एक नया तरीका है, यह केवल लिखित परीक्षा पर आधारित नहीं होता बल्कि इसमें विभिन्न तरीको से छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है। जिसमे मौखिक परीक्षा, परियोजनाएं और व्यवहारिक कार्य आदि शामिल होते है।

CCE के लाभ

CCE को कई मुख्य उद्देश्य्यों के साथ शुरू किया गया है एवं इसके कई अलग अलग प्रकार के लाभ भी होते है, जो निम्न प्रकार से है:

  • यह बच्चो के मन से परीक्षा का डर दूर करता है।
  • यह बच्चो को अपनी कमियां को पहचानने और उन्हें सुधारने में मदद करता है।
  • इसके द्वारा शिक्षक बच्चो की प्रगति को बेहतर ढंग से समझ सकते है।

CCE के नुकसान

जिस प्रकार से CCE के कई सारे फायदे होते है, ठीक उसी प्रकार से CCE के कुछ नुकसान भी हो सकते है, जिन्हें आपको ध्यान में रखना चाहिए। यह नुकसान निम्न प्रकार से है:

  • CCE शिक्षको के लिए समय लेने वाला और जटिल साबित हो सकता है।
  • CCE के अंतर्गत पक्षपात की संभावना होती है।
  • CCE छात्रो पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।

CCE ग्रेडिंग प्रणाली

CCE की ग्रेडिंग प्रणाली 9 अंको पर आधारित होती है एवं इसमें छात्रों को रचनात्मक और व्यावहारिक ज्ञान के आधार पर ग्रेड दिया जाता है। इसका मूल्यांकन निम्न प्रकार से होता है:

ग्रेड अंक
A1 90 – 100
A2 80 – 89
B1 70 – 79
B2 60 – 69
C1 50 – 59
C2 40 – 49
D 33 – 39
E 32% से कम

CCE के तहत मूल्यांकन के तरीके

CCE के तहत मूल्यांकन करने के लिए कई अलग अलग तरीके अपनाये जाते है, हम आपको इसके कुछ मुख्य तरीके बता रहे है जो निम्न प्रकार से है:

  • मौखिक परीक्षा – इसमें छात्रों के ज्ञान का मौखिक रूप से मूल्यांकन किया जाता है।
  • लिखित परीक्षा – इसमें छात्रो के ज्ञान का लिखित रूप से मूल्यांकन किया जाता है।
  • परियोजनाएं – इसमें छात्रों को विभिन्न परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • व्यावहारिक कार्य –  इसमें छात्रों को विभिन्न विषय से सम्बंधित व्यवहारिक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • अतिरिक्त गतिविधियां – इसमें छात्रों को खेल, कला, संगीत, और अन्य कई अलग अलग गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इन सभी चीजो को ध्यान में रखकर CCE के अंतर्गत छात्रों के कौशल का मूल्यांकन किया जाता है। इसके माध्यम से छात्रों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।

CCE एक बेहतर प्रणाली है जो आने वाले समय में एक व्यापक प्रणाली साबित हो सकती है। इसके कई प्रकार के फायदे होते है, हालांकि इसके कुछ छोटे बड़े नुकसान भी होते है। सरकार नियमित रूप से इसे बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रही है, इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है की आने वाले समय में इसकी कमियाँ कम हो सकती है।