BPM Full Form in Hindi: ह्रदय गति को समझने की कुंजी

आज हम आपको BPM Full Form in Hindi के बारे में बता रहे है। अक्सर कई बार आपने बीपीएम के बारे में पढ़ा या सुना होगा। लेकिन ज्यादातर लोगो को इसका अर्थ पता नही होता की बीपीएम किसे कहते है और इसका पूरा नाम क्या होता है तो ऐसे में यह लेख आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित होने वाला है।

BPM Full Form in Hindi

जब कोई व्यक्ति नब्ज को देखकर ह्रदय की गति को बताता है तो उस प्रक्रिया को बीपीएम कहा जाता है। इसमें व्यक्ति के ह्रदय की गति को जांचा जाता है। अगर आप BPM से जुडी विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो BPM Full Form in Hindi लेख को ध्यान से पढ़े।

BPM Full Form in Hindi

किसी भी व्यक्ति का ह्रदय एक मिनिट में कितनी बार धड़कता है उस संख्या को बीपीएम कहा जाता है। यह एक स्वास्थ्य परिक्षण है जिसके द्वारा ह्रदय के स्वास्थ्य की जाँच की जाती है। इसका पूरा नाम निम्न प्रकार से होता है:

BPM Full Form : BEATS PER MINUTE

इसे हिंदी में हर मिनट में धड़कने भी कहा जाता है। यह एक माप है जो किसी व्यक्ति के हृदय की धड़कन की संख्या को प्रति मिनट में दर्शाता है।

अन्य भाषाओं में बीपीएम का अर्थ

ध्यान रखे की कई अलग अगल भषाओं में इसका अर्थ अलग अलग प्रकार से होता है। हम आपको इसके कुछ विभिन्न अर्थ बता रहे है जो निम्न प्रकार से है:

  • मराठी: प्रति मिनिट ठोके
  • संस्कृत: प्रति मिनट स्पंदन
  • पंजाबी: ਪ੍ਰਤੀ ਮਿੰਟ ਧੜਕਣਾ
  • बंगाली: প্রতি মিনিটে স্পন্দন
  • गुजराती: પ્રતિ મિનિટ ધબકારા
  • तेलुगु: నిమిషానికి స్పందనలు
  • कन्नड़: ನಿಮಿಷಕ್ಕೆ ಸ್ಪಂದನೆಗಳು
  • तमिल: நிமிடத்திற்கு துடிப்புகள்

BPM कितना होना चाहिए?

क स्वस्थ व्यक्ति की हृदय गति आमतौर पर 60-100 BPM होती है। कई बार व्यायाम करने, ज्यादा कार्य करने या अन्य किसी कारण से इसमें थोडा बहुत बदलाव भी देखने के लिए मिल सकता है।

बीपीएम क्यों महत्वपूर्ण है?

बीपीएम हृदय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। यह डॉक्टरों को हृदय की गति में किसी भी असामान्यता का पता लगाने में मदद करता है, जो हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। इससे व्यक्ति के ह्रदय से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है।

बीपीएम कैसे मापा जाता है?

बीपीएम को मापने के लिए कई अलग अलग तरीके अपनाये जाते है। हम आपको इसके कुछ मुख्य तरीके बता रहे है जिसके द्वारा बीपीएम को मापा जाता है:

  • नब्ज के द्वारा
  • पल्स ऑक्सीमीटर के द्वारा
  • ECG के द्वारा

नब्ज के द्वारा बीपीएम जांचना

अक्सर ज्यादातर लोग बीपीएम जांचने के लिए नब्ज का इस्तमाल करते है। अगर आप नब्ज के द्वारा बीपीएम देखना चाहते है तो आपको निम्न प्रक्रिया फॉलो करनी होगी:

  • सबसे पहले हाथ की हथेली ऊपर की तरफ रखना है।
  • अब दूसरे हाथ की उंगलियों को कलाई के ऊपर रखना है।
  • अब अंगूठे से कलाई को नीचे की तरफ से पकड़ें।
  • अब आप अंगूठे से इसे हल्के से दबाएं।

इतनी प्रकिया पूरी करने के बाद आपको ह्रदय की धड़कन महसूस होने लगेगी। इस प्रक्रिया को अपनाकर आप घर बैठे अपने ह्रदय की धड़कन को नाप सकते है।

पल्स ऑक्सीमीटर से बीपीएम को जांचना

पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटा सा उपकरण है जो आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसे हाथ की उगली में लगाया जाता है इसके बाद यह उपकरण हृदय गति और रक्त ऑक्सीजन स्तर को मापता है और सटीक जानकारी उपलब्ध करवाता है।

ECG द्वारा बीपीएम जांचना

यह एक मेडिकल प्रक्रिया होती है इसको आप घर पर नहीं अपना सकते, अगर आप ECG के द्वारा बीपीएम जांचना चाहते है तो आपको किसी नजदीकी अस्पताल जाना होगा और डॉक्टर से संपर्क करना होगा। इसके बाद डॉक्टर ECG जाँच करता है और ह्रदय की धड़कन से जुडी पूरी जानकारी प्राप्त करता है।

BPM में असामान्यताएं

BP में असामान्यताएं विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य स्थितियों के संकेत दे सकती है, जिनमें शामिल हैं:

  • जिन लोगो को ह्रदय रोग है उनका BPM सामान्य से अधिक या कम हो सकता है।
  • अगर किसी को उच्च रक्तचाप है तो उसमे BPM सामान्य से अधिक हो सकता है।
  • अगर किसी को थायरॉइड रोग है तो उसका BPM सामान्य से कम या अधिक हो सकता है।
  • कुछ अलग अलग प्रकार की दवाएं BPM को प्रभावित कर सकती हैं।
  • अगर कोई व्यक्ति धुम्रपान करता है या शराब का सेवन करता है तो इसके कारण BPM प्रभावित हो सकता है।
  • ख़राब जीवनशैली BPM के ऊपर बुरा प्रभाव डाल सकती है।
  • अगर कोई व्यक्ति ज्यादा तनाव में रहता है तो इसके कारण BPM प्रभावित हो सकता है।

यह कुछ मुख्य कारण है जिसकी वजह से BPM प्रभावित हो सकता है। जब BPM प्रभावित होता है तो यह सामान्य से अधिक या सामान्य से कम हो सकता है।

BPM के लक्षण

BMP कम या अधिक होने से कई प्रकार के अलग अलग लक्षण देखने के लिए मिल सकते है, जिसके माध्यम से इसकी पहचान करना आसान होता है। हम आपको इसके कुछ मुख्य लक्षण बता रहे है जो निम्न प्रकार से है:

60-100 BPM

अगर किसी व्यक्ति का बीपीएम 60 से 100 के माध्यम है तो यह एक सामान्य स्थिति होती है इसमें किसी भी प्रकार के लक्षण देखने के लिए नहीं मिलते।

60 BPM से कम

अगर किसी का BPM 60 से कम है तो यह गंभीर स्थिति मानी जाती है, इसमें निम्न प्रकार के लक्षण देखने के लिए मिल सकते है:

  • थकान होना
  • कमजोरी  होना
  • चक्कर आना
  • बेहोशी होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना

100 BPM से अधिक

अगर किसी व्यक्ति का BPM 100 से अधिक है तो यह भी गंभीर परिस्थिति मानी जाती है। इसमें निम्न प्रकार के लक्षण देखने के लिए मिल सकते है:

  • धड़कन होना
  • सीने में दर्द होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • थकान होना
  • कमजोरी होना
  • चक्कर आना होना
  • बेहोशी होना

इस प्रकार से BPM अधिक या कम होने से अलग अलग प्रकार के लक्षण देखने के लिए मिल सकते है। अगर आपको इसके किसी भी प्रकार के लक्षण देखने के लिए मिलते है तो ऐसे में आपको तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बीपीएम नियंत्रित करने का उपाय

अगर किसी व्यक्ति का बीपीएम अनियंत्रित है तो उसको नियंत्रित करने के लिए आप कुछ अलग अलग तरीके अपना सकते है, जो की निम्न प्रकार से है:

  • स्वस्थ और पोष्टिक आहार ले
  • नियमित रूप से व्यायाम करें
  • तनाव को कम करें
  • धूम्रपान करना बंद करें
  • शराब का सेवन बंद करें
  • कैफीन का सेवन कम करें
  • एक अच्छी जीवनशैली अपनायें

अगर आप निम्न प्रकार की जीवनशैली अपनाते है तो इससे आपका बीपीएम नियंत्रित हो सकता है। ध्यान रखे की बीपीएम की अनियमितता होने पर आपको डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है ताकि आप किसी भी प्रकार की गंभीर समस्या से खुद का बचाव कर सके।

यह जानकारी केवल सामन्य जानकारी प्रदान करने के लिए लिखी गयी है। इसका उपयोग किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह के विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।