नमस्कार मित्रो आज का हमारा आर्टिकल आपके लिए बेहद ही उपयोगी होने वाला है क्युकी इसमें हम आपको BIS Full Form in Hindi और BIS क्या होते है इसके कार्य क्या है व इसके फायदे क्या क्या है इनसे जुडी पूरी जानकारी हम आपको बतायेगे व इसके साथ ही इससे जुडी अन्य उपयोगी जानकारी बताने वाले है.

BIS Full Form in Hindi

अक्सर हम सब कई बार अलग अगल तरह के शब्द सुनते है जिनमे अक्सर शार्ट फॉर्म वाले शब्द भी होते है BIS भी उन्ही में से है जिसके बारे में आपको अक्सर सुनने की मिलता होगा पर बहुत से लोगो को BIS Full Form in Hindi और BIS क्या होता है इसके बारे में पता नहीं होता तो इसकी जानकारी के लिए आप हमारा यह पूरा आर्टिकल पढ़े.

BIS Full Form in Hindi

BIS क्या होता है इसके कार्य क्या है व इसके फायदे क्या होते है इसके बारे बताने से  पहले हम इसके पुरे नाम के बारे में जान लेते है.

BIS Full Form – Bureau of Indian Standards

हिंदी में इसे भारतीय मानक ब्यूरो भी कहा जाता है व यह भारत का राष्ट्रीय मानक मंत्रालय है जो की देश के उपभोक्ता मामले, मानक, उत्पाद व प्रणाली के प्रमाणन की योजनाओ के कार्य आदि को संचालित करने का कार्य करते है.

BIS क्या है

जैसे की हमने आपको बताया है की ये भारतीय मानक ब्यूरो है और इसका कार्य भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, उत्पाद और मानक प्रणाली के प्रमाणन का कार्य करते है व इसको आसान भाषा में बताये तो ये किसी भी बहुमूल्य वस्तु या धातु आदि की शुद्दता को प्रमाणित करते है जैसे की अपने देखा होगा की सोना जो हम खरीदते है वो अलग अलग कैरेट में होता है इनको प्रमाणित करने का कार्य BIS का ही होता है.

यह कई तरह की  अलग अलग बहुमूल्य वस्तु जैसे सोना, चांदी और हीरा व प्लेटिनम जैसे कई धातुओं की जाँच करते है और प्रमाणीकरण करते है व इसके कार्य निम्न प्रकार से होते है.

  • गुणवत्ता की जांच करना
  • मानकों का निर्माण करना
  • गुणवत्ता को प्रमाणन करना व नियंत्रण करना
  • मानकों की मान्यता के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार करना
  • विदेशी निर्माता प्रमाणन योजना से सम्बंधित
  • हॉलमार्क से सम्बंधित
  • प्रयोगशाला मान्यता योजना का निर्माण करना
  • उपभोक्ताओ की गतिविधियों पर नजर रखना

जैसा की आप सभी लोग जानते है किसी भी देश देश की बहुमूल्य वास्तु उस देश के लिए बेहद उपयोगी होती है व् यह अर्थवस्वस्था को बनाये रखने के लिए  अहम् भूमिका निभाते है व इसके कारण इसमें मिलावट का खतरा हमेशा बना  रहता है जिससे बचाव के लिए BIS का गठन किया गया था यह बहुमूल्य वस्तुओ की जाँच और प्रमाणीकरण का कार्य करते है.

BIS HALLMARK क्या है

जैसा की आप  जानते है की BIS किसी भी बहुमूल्य वस्तु को प्रमाणित करने का कार्य करती है व यह प्रमाणित वस्तु को निम्न तरीके से दर्शाते है हम आपको सोने के हॉलमार्क के बारे में बता रहे है जो की कुछ इस प्रकार से होते है.

  • यदि हॉलमार्क अंक 354 है तो इसका अर्थ 35.4% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 465 है तो इसका अर्थ 46.5% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 580 है तो इसका अर्थ 58.0% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 648 है तो इसका अर्थ 64.8% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 705 है तो इसका अर्थ 70.5% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 836 है तो इसका अर्थ 83.6% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 965 है तो इसका अर्थ 96.5% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 164 है तो इसका अर्थ 16.4% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 264 है तो इसका अर्थ 26.4% शुद्ध सोना है.
  • यदि हॉलमार्क अंक 1000 है तो इसका अर्थ 100% शुद्ध सोना है.

इस तरह से सोने जैसे धातु को हॉलमार्क के रूप में दर्शाया  जाता है व इससे किसी भी धातु की शुद्दता का पता चलता है व उसमे कितनी मिलावट है इसकी जानकारी प्राप्त हो जाती है.

इसकी स्थापना 23 दिसंबर 1986 में हुई थी व इसका मुख्यालय मानेक भवन पुरानी दिल्ली में स्थित है पर भारत में इसके बड़े क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए इसके 5 अन्य कार्यालय स्थापित किये गए है जो की चंडीगढ़, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली और कोलकाता में स्थित है.

BIS certificate क्या है व क्यों जरुरी है

BIS certificate के द्वारा महँगी वस्तुओ में ओरिजनल और मिलावट वाले धातु आदि की जांच होती है जैसे की विदेश से कोई भी महंगे धातु भारत में आयात किये जाते है तो पहले उसकी BIS की जाँच से गुजरना होता है वो अपने तरीके से इसकी जांच करते है उसके बाद जब इसको BIS से अप्रूवल मिल जाता है तो वो धातु भारत में आ सकता है व बाजार में उसको बेचा  जा सकता है.

इनकी जाँच के बाद इसका सेर्टिफिकेट भी बनाया जाता है व BIS लाइसेंस को बनाने में 6 माह तक का समय लग जाता है व इसकी जाँच के के बाद वास्तु पर BIS का हॉलमार्क लगाया जा सकता है जिससे की जनता को पता चले की वो ओरिजनल प्रोडक्ट है और लोगो का इसके प्रति भरोषा बना रहे और बिना किसी डर या परेशानी के लोग खरीददारी कर सके.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको  BIS Full Form in Hindi और BIS क्या है व इसके कार्य क्या होते है इसके बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है की आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी जरूर उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें और इससे सम्बंधित कोई सवाल पूछना चाहते है तो आप हमे कमेंट कर के बता सकते है.

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