नमस्कार मित्रो इस आर्टिकल में हम आपको BHMS के बारे में जानकारी देने वाले है व इसके साथ ही हम आपको BHMS Full Form in Hindi और BHMS क्या है यह डिग्री कैसे करते है व इसको करने के बाद आप किस क्षेत्र में कैरियर बना सकते है व इसके  आलावा कई जरुरी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है.

bhms full form in hindi

हम सब लोग अक्सर कई शब्दों का इस्तमाल करते है जिसमे से BHMS  भी एक है इसका हम लोग इस्तमाल तो करते है पर हमे इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती तो हम आपको आज इससे जुडी पूरी जानकारी देने वाले है अगर आप स्टूडेंट है तो ऐसे में यह जानकारी आपके लिए बहुत ही उपयोगी हो सकती है इसके लिए आप हमारा पूरा आर्टिकल पढ़े ताकि आपको पूरी जानकारी हिंदी में प्राप्त हो सके.

BHMS Full Form in Hindi

BHMS क्या होता है यह डिग्री कैसे करते है इसके लिए योग्यता आदि क्या होनी जरुरी है इन सब के बारे में बताने से पहले हम आपको इसके पुरे नाम के बारे में जानकारी दे रहे है.

BHMS Full Form – Bachelor of Homeopathic Medicine And Surgery

हिंदी में इसको बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी कहा जाता है व यह होम्योपैथी चिकित्सा की एक समग्र प्रणाली होती है व BHMS  चिकित्सा के क्षेत्र में दी जाने वाली एक डिग्री होती है व जो व्यक्ति इस डिग्री को पूरा कर लेता है उसके नाम के आगे डॉ शब्द जुड़ जाता है जिसका अर्थ डॉक्टर होता है.

BHMS क्या होता है

जैसा की हमने आपको बताया की यह चिकित्सा की एक समग्र प्रणाली होती है व इसमें मुख्य रूप से टेबलेट या तरल रूप में होम्योपैथिक  दवाइयों से उच्च रोगो के उपचार शामिल होते है जो की शरीर में प्राकृतिक उपचार प्रणाली को बढ़ने में मदद करते है व आपको इस बात का  पता होना बहुत ही जरुरी है की भारत में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक प्रणाली के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में होमियोपैथी तीसरे नंबर पर आती है.

BHMS डिग्री के लिए जरुरी योग्यता

अगर आपकी रूचि BHMS करने में है तो आपको इस डिग्री को करने से पहले कुछ जरुरी योग्यता को पूरा करना जरुरी है तभी आप इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते है इसके लिए हम आपको जो योग्यता बता रहे है आपको उसे पूरा करना जरुरी है.

  • BHMS को करने के लिए आपको पहले इंटरमीडिएट कक्षा को  भौतिकी, रसायन विज्ञान, और जीव विज्ञान विषय के साथ 50% अथवा इससे अधिक अंको के साथ उत्तीर्ण करना जरुरी है तभी आप इस कोर्स को  कर सकते है.
  • इस कोर्स को करने के लिए आपकी उम्र कम से कम 17 वर्ष तक की होनी अनिवार्य है तभी आप इस डिग्री को करने योग्य माने जाते है.

BHMS करने के लिए आपको इन योग्यता को पूरा करना जरुरी है तभी आप इस डिग्री के लिए आवेदन कर सकते है व इसमें आवेदन करने व इससे जुडी अन्य जानकारी के  लिए आप यह पूरा आर्टिकल पढ़े.

BHMS के लिए प्रवेश परीक्षा

अगर आप इस कोर्स को करना चाहते है तो इससे पहले आपको इसकी प्रवेश परीक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त करनी बहुत ही जरुरी है इसमें आपकी निम्न प्रकार की प्रवेश परीक्षा ली जाती है अगर आप इनको उत्तीर्ण कर लेते है तो इसके बाद आप इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते है.

  • PUCET – पंजाब यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट.
  • AP EAMCET – आंध्रप्रदेश इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर एंड मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट.
  • TS EAMCET – तेलंगाना इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर एंड मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट.
  • KEAM – केरला इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर एंड मेडिकल.

यह सभी इसके एंट्रेस एग्जाम है जो की सभी कैंडिडेट को देने होते है व इसके के आधार पर किसी भी कैंडिडेट को इस कोर्स के लिए प्रवेश दिया जाता है.

BHMS कितने वर्ष का कोर्स है

किसी भी कोर्स को करने से पहले हमे इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए की वो कोर्स कितनी अवधि का है जिस कोर्स को हम करना चाहते है ताकी आपको बादमे किसी प्रकार की परेशानी न हो व BHMS आपका 5 वर्ष का कोर्स होता है जिसमे आपको 5 अलग अलग विषयो को पढ़ाया जाता है व इसमें आपको प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष और चतुर्थ वर्ष में पढ़ाया जाता है जबकि पांचवे वर्ष यानी की अंतिम वर्ष में इंटरशिप करवाई जाती है इस प्रकार से यह कुल पांच वर्षो का कोर्स होता है.

BHMS करने के बाद करियर

अगर आप इस कोर्स को करते है तो इसके बाद आपको कई बेहतर कॅरियर के विकल्प मिल जाते है व इसमें आप अपनी इच्छा से किसी भी तरह के कॅरियर को चुन सकते है इसमें आप निम्न प्रकार से अपना बेहतरीन कॅरियर बना सकते है.

  • इस कोर्स को करने के बाद आप एक डॉक्टर बन सकते है व सरकारी अस्पताल या प्राइवेट अस्पताल में अपनी सेवाएं दे सकते है.
  • इस कोर्स को करने के बाद आप चाहे तो खुद का अस्पताल या क्लिनिक भी खोल सकते है.
  • इस कोर्स को करने के बाद आप होम्योपैथिक कंपनी के साथ मिलकर अपनी पहचान बना सकते है व इसके साथ ही होम्योपैथिक एक्सपर्ट के रूप में भी आप अपना कॅरियर बना सकते है.
  • आप इस कोर्स को करते है तो इसका आपको यह भी फायदा होता है की होम्योपैथिक दवाइयों का किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता जिसके कारण आप चाहे तो खुद का क्लिनिक भी  खोल सकते है.
  • अगर आपको इस डिग्री को करने के बाद होम्योपैथिक में अच्छी जानकारी हो जाती है तो आप चाहे तो लेक्चरर के रुप में भी कर सकते है है व लोगो को पढ़ा सकते है.

निम्न प्रकार से आप इस कोर्स को करने के बाद अपना बेहतरीन भविष्य बना सकते है व इसके अन्य कई क्षेत्र में आप अपना बेहतरीन भविष्य बना सकते है इस डिग्री को प्राप्त करने के बाद आपको कई अलग अलग क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हो सकता है.

BHMS कोर्स की फीस

अगर आप इस कोर्स को करना चाहते है तो इससे पहले आपको इसकी फीस के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए इसकी फीस की सटीक जानकारी आपको सम्बंधित collage से ही प्राप्त हो सकती है व यह कोर्स 5 वर्ष का होता है व इस कोर्स के लिए सभी collage में वहां के नियमानुसार अलग अलग फीस हो सकती है पर इस कोर्स की फीस 3 लाख से 5 लाख रूपए के करीब होती है वही आप इस कोर्स को सरकारी collage से कर लेते है तो आपको बहुत ही कम फीस देनी होगी व आप बहुत ही कम कीमत में इस कोर्स को कर पाएंगे.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको BHMS Full Form in Hindi और BHMS  क्या होता है इसमें आप भविष्य किस तरह से बना सकते है व इस कोर्स को करने के फायदे व इस कोर्स अवधि और फीस आदि के बारे में जानकारी दी है अगर आप इससे जुड़ा किसी भी तरह का सवाल पूछना चाहते है तो आप हमे कमेंट के माध्यम से बता सकते है व जानकरी अच्छी लगे तो इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरुरी करें.

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