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भारत में कितने अनुच्छेद है व भारत के मौलिक अधिकार की जानकरी

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नमस्कार मित्रो इस आर्टिकल में हम आपको भारत में कितने अनुच्छेद है इसके बारे में बताने वाले है कई लोगो को इसके बारे में जानकारी नहीं है की भारत में कुल कितने अनुछेद होते है व इससे जुडी कई जरुरी जानकारी के बारे में लोगो को पता नहीं होता तो हम आपको इसके बारे में बताने वाले है जिससे की आपको भारतीय अनुच्छेद के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके.

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भारत के सभी लोगो को भारत में कितने अनुच्छेद है इसके बारे में पता होना जरुरी है क्युकी यह जनरल नोर्लेज के लिए बहुत ही आवश्यक है हम अक्सर भारतीय जनरल नोर्लेज से जुडी जानकारी इस वेबसाइट के माध्यम से आपको बताते रहते है व कई लोग अक्सर भारत के अनुछेद के बारे में पूछते रहते है तो यह आर्टिकल इसीलिए लिखा गया है ताकि हम आपको अनुच्छेद से जुडी जानकारी बता सके.

भारत में कितने अनुच्छेद है

भारतीय सविधान में हाल में कुल 470 अनुच्छेद है एवं इसमें 12 अनुसूचियाँ है जिनको 25 भागो में विभाजित किया गया है एवं जब अनुच्छेद का निर्माण हुआ था उस वक्त सविधान में केवल 395 अनुच्छेद थे जो की 22 अलग अलग भागो में विभाजित किये गए थे एवं इसमें 8 अनुसूचियाँ थी एवं भारत के केंद्रीय कार्यपालिका का सवैधानिक प्रमुख भारत का राष्ट्रपति होता है.

सविधान की धारा 79 के अनुसार भारत में केंद्रीय संसद में राष्ट्रपति अर्थात दो सदन होते है जिसमे से राज्य के लिए राज्यसभा होता है वही लोगो के सदन को लोकसभा माना जाता है वही सविधान की धरा 74 (1) में यह स्पष्ट लिखा गया था की भारत के राष्ट्रपति को सलाह देने व राष्ट्रपति की मदद के लिए एक प्रमुख  व्यक्ति होगा जो की प्रधानमंत्री है.

भारतीय सविधान की अनुसूचियाँ

हम आपको भारत की सभी 12 अनुसूचियों के बारे में बता रहे है जिसके बारे में आपको जानकारी  होनी बहुत ही जरुरी है हम आपको सभी अनुसूचियों के बारे में जानकारी दे रहे है जो की निम्न  प्रकार से है.

भारतीय संविधान की कुल 12 अनुसूचियाँ
पहली भारतीय अनुसूची –  राज्य तथा संघ राज्य क्षेत्र का वर्णन किया गया है.
दूसरी भारतीय अनुसूची – भाग-क : राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के वेतन-भत्ते, भाग-ख : लोकसभा व विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, राज्यसभा व विधान परिषद् के सभापति और उपसभापति के वेतन-भत्ते आदि, भाग-ग : उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन भत्ते, भाग-घ : भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के वेतन-भत्ते आदि.
तीसरी भारतीय अनुसूची – इस अनुसूची में शपथ का प्रारूप दिया गया है.
चौथी भारतीय अनुसूची – इस अनुसूची में राज्यों की परिषद में सीटों के आवंटन का प्रावधान दिया हुआ है.
पांचवीं भारतीय अनुसूची – इसमें अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण का प्रावधान है.
छठी भारतीय अनुसूची – असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के प्रावधान है.
सातवीं भारतीय अनुसूची – यह संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के बारे में है.
आठवीं भारतीय अनुसूची – यह अनुसूची मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची के बारे में है.
नौवीं भारतीय अनुसूची – इसमें कुछ अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन के प्रावधान है.
दसवीं भारतीय अनुसूची – इसमें दलबदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधान है.
ग्यारहवीं भारतीय अनुसूची – यह पंचायतों की शक्तियाँ, अधिकार और उत्तरदायित्व  के बारे में है.
बारहवीं भारतीय अनुसूची – यह नगर पालिकाओं की शक्तियाँ, अधिकार और उत्तरदायित्व के बारे में है.

यह सभी  भारत की अनुसूचियाँ है जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए क्युकी इस तरह की जानकारी आपके लिए भविष्य में कई तरह से उपयोगी हो सकती है.

भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकार

भारत के सभी लोगो को उनके मौलिक अधिकारों के बारे में पता होना बहुत ही आवश्यक है सुप्रीम कोर्ट ने मेनका मामले में अपने फैसले के बारे में पुस्टि करते हुए अनुच्छेद 21 में भाग में इसके अधिकारों की घोषणा की है.

  • देश के सभी लोगो को गरिमा के साथ जीने का अधिकार है.
  • प्रदूषण मुक्त जल और वायु सहित सभ्य वातावरण का अधिकार.
  • सभी को खतरनाक उद्योगों से सुरक्षित आजीविका का अधिकार.
  • भारत के सभी लोगो को स्वास्थ्य का अधिकार है.
  • सभी को वर्ष की आयु तक मुफ्त शिक्षा का अधिकार है.
  • प्रदेश में मुफ्त कानूनी सहायता का अधिकार.
  • एकांत कारावास के खिलाफ अधिकार है.
  • अमानवीय व्यवहार के खिलाफ अधिकार.
  • देरी से फांसी के खिलाफ अधिकार.
  • विदेश यात्रा का अधिकार.
  • बंधुआ मजदूरी के खिलाफ अधिकार.
  • हिरासत में किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार.
  • आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा सहायता का अधिकार.
  • सरकारी अस्पताल में चिकित्सा का अधिकार.
  • राज्य से बाहर नहीं जाने का अधिकार.
  • निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार.
  • एक कैदी का जीवन की आवश्यकताओं के लिए अधिकार.
  • शालीनता और मर्यादा से जुड़े नारी को अधिकार.
  • सार्वजनिक फांसी के खिलाफ अधिकार.
  • सुनने का अधिकार.
  • सूचना का अधिकार.
  • प्रतिष्ठा का अधिकार.
  • सजा के निर्णय के लिए अपील करने का अधिकार.
  • सामाजिक सुरक्षा और परिवार की सुरक्षा के अधिकार है.
  • सामाजिक और आर्थिक न्याय और सशक्तिकरण का अधिकार.
  • उचित जीवन बीमा पॉलिसी के अधिकार.
  • ध्वनि प्रदूषण मुक्ति का अधिकार.
  • सभी को बिजली का अधिकार है.

यह सभी मौलिक अधिकार है जो की भारत के सभी लोगो को भारत के सविधान से प्राप्त हुए है व कोई भी व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर अपने मौलिक अधिकारों का इस्तमाल कर सकते है भारत में रहने वाला हर व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों का पालन करने व उपयोग करने में पूर्ण रूप से स्वतन्त्र है.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको भारत में कितने अनुच्छेद है व भारत के मौलिक अधिकार की जानकरी देने का प्रयत्न किया है हमे उम्मीद है की आपको भारतीय  अनुच्छेद के बारे में दी गयी जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें व इससे जुड़ा आप किसी भी तरह का सवाल पूछना चाहते है तो आप हमे कमेंट के माध्यम से बता सके है.

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