नमस्कार मित्रो आज हम आपको अश्वगंधा क्या होता है और अश्वगंधा  के फायदे क्या है इसके बारे में बता रहे है आप सभी ने कई बार अश्वगंधा देखा होगा व इसका इस्तमाल भी किया होगा पर कई लोगो को इसके बारे में विशेष जानकारी नहीं होती तो आज हम आपको इससे जुडी पूरी जानकारी देने वाले है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके.

ashwagandha

अश्वगंधा हमारे शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद मानी जाती है व आयुर्वेद में भी इसका बहुत ही बड़ा महत्त्व दिया गया है व आपको इसका इस्तमाल कब और किसलिए करना चाहिए और इसके सेवन से आपको क्या क्या फायदे और नुक्सान हो सके है इसके बारे में हम आपको बता रहे है इसके लिए आप हमारा यह पूरा आर्टिकल ध्यान से पढ़े.

अश्वगंधा क्या है

सबसे पहले तो हम आपको अश्वगंधा  क्या है इसके बारे में बता देते है क्युकी बहुत से लोगो को इसके बारे में पता नहीं होता तो सबसे पहले तो हम आपको बता दे की सभी देशो में अलग अलग प्रकार की अश्वगंधा होती है व इसकी गंध की बात करे तो इसकी गंध घोड़ो के पेशाब के  जैसी होती है और इसकी गंध उस वक्त बहुत अधिक होती है जब इसकी जड़े ताज़ी हो.

एवं जो अश्वगंधा वन में पायी जाती है उसकी तुलना में खेती द्वारा उगाई जाने वाली अश्वगंधा को अधिक प्रभावी और लाभदायक माना जाता है वही तेल निकलने के लिए वनो में पायी जाने वाली अश्वगंधा  को अधिक प्रभावी माना जाता है.

अश्वगंधा के फायदे क्या है

अब हम आपको अश्वगंधा के फायदे क्या होते है इसके बारे में पूरी जानकारी दे रहे है ताकि आपको पता चल सके की इसके फायदे क्या क्या होते है व आपको इसका सेवन किन परिस्थिति में करना ज्यादा अच्छा रहेगा.

आखो की रोशनी के लिए

आखो की रोशनी के लिए अश्वगंधा बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है व अगर आखो की रोशन कम हो या अगर आप नंबर के चश्मे  पहनते है तो ऐसे में इसका इस्तमाल आपके लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है इसके लिए आपको 2 ग्राम अश्वगंधा और 2 ग्राम आंवले के साथ 1 ग्राम मुलेठी लेकर इसका अच्छे से मिश्रण बना लेना है उसके बाद इसका सुबह और शाम को दूध या  पानी के साथ सेवन करे इससे आपको बहुत ही अच्छा  परिणाम मिलेगा कर आपकी आखो की रोशनी भी तेजी से बढ़ने लगेगी.

शारीरिक कमजोरी

अगर किसी व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी है तो इसके लिए यह एक रामबाण की तरह उपयोगी होती है व अश्वगंधा के नियमित सेवन से आप शारीरिक दुर्बलता से भी निजात पा सकते है और इससे कमजोरी के कारण बदन दर्द या पैरो में दर्द होने जैसी समस्या से भी छुटकारा मिलेगा.

गुप्तरोग

अक्सर बहुत से लोगो को हाल में गुप्तरोग से जुडी परेशानी का सामना करना पड़ता है इसके कई अलग अलग कारण हो सकते है पर अगर आप इस प्रकार की समस्या से  ग्रस्त है तो ऐसे में अश्वगंधा आपके लिए एक रामबाण की तरह सिद्ध हो सकती है गुप्तरोग से जुडी समस्या होने पर आपको सुबह या शाम को आधा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को दूध के साथ सेवन करना चाहिए इससे आपके गुप्तरोग से जुडी समस्या से आपको जल्दी ही छुटकारा प्राप्त हो जाता है.

गले के रोग होने पर

गले के रोग बहुत ही दर्दनिय होता है व इसका दर्द उसी व्यक्ति को पता होता है जो इस प्रकार की परेशानी का सामना कर रहा है व अगर किसी को इस प्रकार की परेशानी हो तो अश्वगंधा उसके लिए बहुत ही फायदेमंद होगा इसके लिए आप अश्वगंधा चूर्ण को बराबर मात्रा में पुराने गुड़ के साथ मिलकर उसकी छोटी छोटी गोलिया बना ले और इसका सेवन करे इससे आपको गले के रोग में राहत मिलती है और अगर आप चाहे तो अश्वगंधा के पत्तो का लेप अपने गले पर भी लगा सकते है इससे भी आपको जल्दी ही गलगंड रोग से छुटकारा प्राप्त होगा.

टीबी के रोग में

अगर कोई भी व्यक्ति टीबी जैसे रोग से ग्रस्त है तो उसके लिए भी यह तरीका बहुत ही फायदेमंद होने वाला है क्युकी अश्वगंधा से टीबी जैसे रोग से  भी निजात मिल सकती है व इसके लिए रोगी को 2 ग्राम अश्वगंधा और 1 ग्राम बड़ी पीपल, 5 ग्राम घी, 5 ग्राम शहद मिलकर उसका सेवन करना चाहिए इससे टीबी रोगी को काफी लाभ मिलता है.

खांसी होने पर

अक्सर कई अलग अलग करने से लोगो को खासी की समस्या हो जाती है व कई बार तो खासी बहुत से दवाई लेने पर भी ठीक नहीं हो पाती तो ऐसे में अश्वगंधा आपके लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकती है और इसके लिए आपको अश्वगंधा की 10 ग्राम जड़ो को कूट लेना है उसके बाद 10 ग्राम मिश्री मिला लेनी है अब इसे 400 मिलीग्राम पानी के साथ धीमी आंच पर पकाये और उसके बाद जब इसका अथवा हिस्सा ही शेष रह जाए तो इसको आग से उतार ले व इसका थोड़ा थोड़ा सेवन करे इससे कफ और खांसी में आपको विशेष लाभ प्राप्त होगा.

छाती में दर्द होना

अगर किसी व्यक्ति को छाती में दर्द होने जैसी समस्या है तो उसके लिए भी अश्वगंधा बहुत ही लाभदायक होगा इसके लिए इसके लिए 2 ग्राम अश्वगंधा के चूर्ण का जल के साथ सेवन करने से छाती में दर्द होने जैसी समस्या से छुटकारा प्राप्त होता है.

पेट से सम्बंधित समस्या

अगर किसी व्यक्ति को पेट से सम्बंधित समस्या है तो ऐसे में अश्वगंधा उसके लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है इसके लिए अश्वगंधा और बहेड़ा के चूर्ण को बराबर मात्रा में लेकर आप उसका मिश्रण  तैयार कर ले अब इसका गुड़ के साथ सेवन करे इससे आपको पेट दर्द से राहत मिलने के साथ ही इससे पेट के कीड़े भी मर जाते है.

कब्ज से जुडी समस्या होने पर

अगर आपको कब्ज से जुडी किसी भी प्रकार की समस्या है तो ऐसे में Ashwagandha  आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होता है कब्ज की परेशानी होने पर आपको 2 ग्राम Ashwagandha चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ सेवन करना चाहिए इससे आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल जायेगा.

ल्यूकोरिया का इलाज

अगर किसी को ल्यूकोरिया  से जुडी समस्या है तो उसके लिए भी अश्वगंधा बहुत ही फायदेमंद हो सकता है इसके लिए 2 ग्राम अश्वगंधा की जड़ का चूर्ण बनाकर उसके साथ मिश्री मिलाकर उसका सेवन करने पर ल्यूकोरिया में भी लाभ मिलता है.

गठिया रोग का इलाज

गठिया रोग में भी अश्वगंधा को विशेष लाभदायक माना गया है व इसके अगर गंठिया रोग है तो ऐसे में 2 ग्राम अश्वगंधा को दूध या देशी घी या मिश्री के साथ शाम को को सेवन करने से गठिया रोग में भी लाभ मिलता है.

त्वचा से संबधित रोग

अगर किसी को त्वचा से सम्बंधित कोई रोग है तो उसमे भी अश्वगंधा एक रामबाण इलाज है व त्वचा से सम्बंधित समस्या होने पर अश्वगंधा के पत्तो को पीसकर पेस्ट बना लेना है अब उसको आप अपनी त्वचा पर लगा ले इससे त्वचा पर लगने वाले कीड़े मर जाते है व इसके साथ ही मधुमेह से होने वाले घाव आदि भी इस प्रक्रार से भर जाते है व इसके नियमित इस्तमाल से चहरे पर भी निखार आता है.

अश्वगंधा का सेवन किसको नहीं करना है

अक्सर बहुत से लोगो के मन में इस प्रकार के सवाल होते है की वो अश्वगंधा का इस्तमाल करे या न करे तो हम आपको बता दे की उन लोगो को अश्वगंधा का इस्तमाल नहीं करना चाहिए जिनके शरीर में गर्म प्रवर्ति का है अगर ये लोग इसका सेवन करते है तो उनके लिए यह नुकसान देह हो सकता है.

एवं अश्वगंधा से होने वाले नुकसान से बचने के लिए इसका इस्तमाल गोंद, कतीरा एवं घी के साथ करना चाहिए.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको अश्वगंधा के बारे में जानकारी दी है व बताया है की अश्वगंधा  क्या होता है और अश्वगंधा के फायदे और नुकसान क्या होते है इसके बारे में जानकारी दी है अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो इसे अपने मित्रो के साथ शेयर कर सकते है और अगर आपको अन्य किसी  भी प्रकार का सवाल पूछना चाहते है तो आप हमे कमेंट कर के बता सकते है.

पिछला लेखAICTE Full Form in Hindi : AICTE क्या है व इसके कार्य क्या है
अगला लेखप्रधानमंत्री से सम्पर्क कैसे करे व प्रधानमंत्री से बात कैसे करें

अपना सवाल यहाँ पूछे

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें