APO Full Form in Hindi | सहायक अभियोजक अधिकारी कैसे बने?

नमस्कार मित्रो आज हम आपको APO Full Form in Hindi के बारे में बताने वाले है अक्सर कई लोगो के मन में इस प्रकार का सवाल आता है की एपीओ किसे कहते है या एपीओ कैसे बनते है तो ऐसे में यह आर्टिकल आपके लिए बेहद ही उपयोगी साबित हो सकता है इसमें हम आपको एपीओ से जुडी बेहद ही खास जानकारी बताने वाले है.

APO Full Form in Hindi

वर्त्तमान समय में सभी लोगो को एपीओ जुडी जानकारी होनी बेहद ही आवश्यक है क्युकी इस प्रकार की जानकारी आपके जीवन में बेहद ही फायदेमंद साबित हो सकती है अगर आप एपीओ के बारे में विस्तृत रूप से जनान चाहते है तो APO Full Form in Hindi आर्टिकल को ध्यान से पढ़े ताकि आपको हमारी बताई गयी पूरी जानकारी समझ में आ सके.

APO Full Form in Hindi

एपीओ न्यायालय का वह अधिवक्ता होता है जो सरकार की तरफ से मुकदमो की पैरवी करते है अक्सर हर एक अदालत में कई बार सरकारी मुकदमे आते रहते है ऐसे में इन सभी मुकदमो की पैरवी इन्ही के द्वारा की जाती है एपीओ से जुडी अन्य जानकारी बताने से पहले हम आपको इसका पूरा नाम बता रहे है जो की निम्न प्रकार से है.

APO Full Form – Assistant prosecutor officer

हिंदी में एपीओ को सहायक अभियोजक अधिकारी कहा जाता है एवं भारत के प्रत्येक न्यायालय को सरकारी मुकदमो की पैरवी करने के लिए किसी न किसी खास व्यक्ति की जरुरत होती है जो सरकारी मुकदमो को पैरवी कर सके ऐसे में सरकार के द्वारा एपीओ की नियुक्ति की जाती है,

एपीओ क्या होता है

जैसा की हमने आपको बताया की इसका पूरा नाम सहायक अभियोजक अधिकारी होता है एवं कोई भी व्यक्ति किसी कारणवश न्यायालय की शरण लेता है और वो व्यक्ति खुद का वकील करने में असमर्थ है तो इस स्थिति में न्यायालय एवं सरकार की तरफ से उस व्यक्ति के लिए एपीओ को चुना जाता है जो उस व्यक्ति से बिना कोई पैसे लिए उस व्यक्ति की तरह से पैरवी करते है.

जो व्यक्ति खुद का वकील करने में असमर्थ है या जो व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर है उनके लिए एपीओ बेहद ही उपयोगी साबित होते है क्युकी इसमें उन्हें किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता इससे उनके धन की बचत होती है और उन्हें आर्थिक समस्या का सामना भी नहीं उठाना पड़ता.

एपीओ  कैसे बने

एपीओ बनने के लिए सबसे पहले तो आपको किसी भी मान्यताप्राप्त संस्थान से एलएलबी करनी होती है  इसके बाद आपको एपीओ बनने के लिए अलग से एग्जाम क्लियर करना होता है अगर आप इसका एग्जाम को क्लियर कर लेते है तो आपको एपीओ के रूप में नियुक्ति दी जाती है एवं कई बार एपीओ का चयन अनुभव के आधार पर भी किया जाता है.

अनुभव के आधार पर एपीओ बनना

अगर कोई व्यक्ति अनुभव के आधार पर एपीओ बनना चाहता है तो उसे वकालात का बहुत ही अच्छा अनुभव होना चाहिए तभी आपको एपीओ के रूप में चुना जा सकता है एवं ध्यान रखे की इसके लिए कुछ खास प्रकार की योग्यता भी रखी जाती है जो की निम्न प्रकार से है.

  • एपीओ बनने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है.
  • एपीओ बनने के लिए आपकी न्यूनतम उम्र 35 वर्ष तक होनी आवश्यक है
  • आवेदक को कम से कम 7 वर्ष का वकालत में अनुभव होना जरुरी हैं

अगर कोई व्यक्ति इन सभी योग्यता को पूरा करता है तो इसके बाद उस व्यक्ति का एपीओ के लिए चयन किया जा सकता है लेकिन ध्यान रखे की अगर आपको अनुभव के आधार पर एपीओ बनाया गया है तो राज्य की सरकार बदलने पर आपको पद से हटाया भी जा सकता है और आपकी जगह पर अन्य व्यक्ति को भी नियुक्ति दी जा सकती है.

परीक्षा के आधार पर एपीओ बनना

अगर आप परीक्षा के द्वारा इस पोस्ट पर नौकरी प्राप्त करना चाहते है तो आपको इसके लिए कुछ खास प्रकार की योग्यता रखी गयी है जिसे आपको पूरा करना आवश्यक है यह योग्यता निम्न प्रकार से है.

  • आवेदनकर्ता का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है.
  • आवेदनकर्ता का किसी भी मान्यताप्राप्त संस्थान से एलएलबी पास होना आवश्यक है.
  • आवेदक की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष एवं अधिकतम उम्र 40 वर्ष तक होनी आवश्यक है.

एपीओ की चयन प्रक्रिया

जब आप एपीओ के लिए आवेदन करते है तो इसके बाद आपको इसकी चयन प्रक्रिया से होकर गुजरना होता है इसकी चयन प्रक्रिया 3 अलग अलग चरणों में रखी जाती है जिसे क्लियर करने के बाद ही आप एपीओ के रूप में नौकरी प्राप्त कर सकते है इसकी चयन प्रक्रिया निम्न प्रकार से रखी जाती है.

एपीओ की प्रारंभिक परीक्षा

जब आप इस पोस्ट पर आवेदन करते है तो इसके बाद सबसे पहले आपको प्रारंभिक परीक्षा देनी होती है इसमें सभी आवेदनकर्ता हिस्से लेते है एवं इस परीक्षा में आपको वैकल्पिक सवाल पूछे जाते है यह पेपर कुल 150 अंको का होता है एवं इस पेपर में आपको 2 घंटे का समय दिया जाता है इस दौरान आपको यह पेपर क्लियर करना होता है.

एपीओ की मुख्य परीक्षा

जब आप प्रारंभिक परीक्षा में सफल हो जाते है तो इसके बाद आपको मुख्य परीक्षा देनी होती है इस परीक्षा में आपको कुल 4 पेपर देने होते है यह सभी पेपर 100 – 100 अंको के होते है एवं इस परीक्षा के लिए आपको 3 घंटे का समय दिया जाता है इस परीक्षा में आपको जो अंक दिए जाते है वो आपकी मेरिट में भी जोड़े जायेगे.

एपीओ का साक्षात्कार

जब आप लिखित परीक्षा में सफल हो जाते है तो इसके बाद अंत में आपको साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है इसमें एक पेनल के सामने आपको इंटरव्यू देना होता है यह साक्षात्कार कुल 50 अंको का होता है इसमें आपको कुछ सवाल पूछे जाते है जिनका आपको सही जवाब देना होता है उसके आधार पर आपको इस परीक्षा में अंक प्रदान किये जाते है.

सभी टेस्ट क्लियर होने के बाद एक मेरिट जारी की जाती है उस मेरिट के आधार पर किसी भी कैंडिडेट का इस पोस्ट के लिए चयन किया जाता है एवं जिन कैंडिडेट का इस पोस्ट पर चयन होता है उन्हें एपीओ के रूप में नियुक्ति प्रदान की जाती है.

एपीओ का वेतन

एक एपीओ को प्रतिमाह 47,600/- रूपए से लेकर 1,51,100/- रूपए तक का वेतन दिया जाता है इसके साथ ही आपको अन्य कई प्रकार की सुविधाए और भत्ते आदि भी प्रदान किये जाते है एवं ध्यान रखे की हर एक राज्य में एपीओ का वेतन वहां के नियमानुसार अलग अलग हो सकता है.

इस आर्टिकल में हमने आपको APO Full From in Hindi क्या होता है इसके बारे में जानकारी प्रदान की है हमे उम्मीद है आपको हमारी बताई गयी जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें और इससे जुडा किसी भी प्रकार का सवाल पूछने के लिए आप हमे कमेंट कर सकते है.

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Sukhdev Singh
सुखदेव सिंह एक अनुभवी संक्षिप्त रूप विशेषज्ञ और करियर काउंसलर हैं, जिनके पास 9 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे संक्षिप्त रूपों, शब्दावली, और तकनीकी शब्दों के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। वे संक्षिप्त रूपों को समझने और समझाने में माहिर हैं।

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